'कठमुल्ला साजिद रशीदी ने शिव भक्तों पर की अभद्र टिप्पणी, इसका सिर धड़ से अलग...', मौलाना के बयान पर भड़के अयोध्या के संत, बता डाला देश के लिए कैंसर
अयोध्या के संत स्वामी सीताराम दास ने मौलाना साजिद रशीदी के कांवड़ियों पर दिए बयान पर आपत्ति जताई है। उन्होंने आक्रोश जाहिर करते हुए ऐलान कर दिया कि जो भी व्यक्ति रशीदी का सिर धड़ से अलग कर लाएगा उसे वह 11 लाख रुपये इनाम देंगे।
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Maulana Sajid Rashidi remarks on Kanwariyas: ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी की ओर से कांवड़ियों को लेकर दिए गए विवादित बयान पर घमासान मचा हुआ है। इस बयान पर अयोध्या के संत स्वामी सीताराम दास ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बड़ा ऐलान किया कि जो भी व्यक्ति मौलाना रशीदी का सिर धड़ से अलग करके लाएगा, उसे उनकी ओर से 11 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा।
संत स्वामी सीताराम दास ने भड़कते हुए कहा, 'कठमुल्ला साजिद रशीदी ने हमारे भोले के भक्तों पर अभद्र टिप्पणी की है। वे निश्चित रूप से सनातन द्रोही हैं, धर्म द्रोही हैं, राष्ट्र द्रोही हैं। वे देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं। वे आए दिन कभी हमारे धर्मों पर, कभी देवी-देवताओं पर और कभी नारी शक्ति पर अभद्र टिप्पणी करते रहते हैं। मैं हिंदू जनमानस से कहना चाहता हूं कि ऐसे मौलाना साजिद रशीदी का सिर धड़ से अलग कर दो और 11 लाख रुपये इनाम पाओ। क्योंकि यह धर्म द्रोही देश के लिए एक कैंसर है।'
देश के लिए नासूर है मौलना रशीदी- संत
उन्होंने आगे कहा, 'यह देश के लिए नासूर है। ऐसे नासूरों के ऑपरेशन की जरूरत है। यह ऐसा रोग है, ऐसे नफरती लोग हैं, जो निश्चित रूप से देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं। अपनी आवाम को दंगा कराने के लिए उकसाना चाहते हैं और देश में दंगा करने की साजिश रचते हैं। ऐसे जल्लादों को भारत में रहने की कोई जरूरत नहीं है।'
'ये शुद्ध रूप से आतंकवादी, सिर धड़ से अलग...'
इतना ही नहीं उन्होंने मौलाना रशीदी को आतंकवादी तक करार दिया। उन्होंने कहा,'यह शुद्ध रूप से आतंकवादी है। साथ ही आतंकवादी विचारधारा का पालन-पोषण करने का काम करते हैं। सनातन धर्म को बदनाम करने का काम करते हैं। आए दिन ऊटपटांग बात करके चर्चा में बने रहना चाहते हैं। इसलिए ऐसे जिहादियों का सिर धड़ से अलग करने की आवश्यकता है।'
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मौलाना के किस बयान पर मचा है बवाल?
मौलाना साजिद रशीदी के उस बयान पर बवाल मचा है जिसमें उन्होंने कहा था कि सड़कों पर बैठकर शराब पीने और नशा करने वालों को शिवभक्त बोला जाता है। पुलिस वालों को वर्दी में रहते हुए पीटते हैं, आप उन्हें शिवभक्त बोलते हैं। स्कूल वैन में बैठे बच्चों के शीशे तोड़ दिए, कई बच्चों को घायल कर दिया, आप उन्हें शिवभक्त कहते हैं। आप उन लोगों को, जिन्होंने एक मरीज की वैन तक नहीं छोड़ी। और एक मरीज को परेशानी की हालत में, बीमारी की हालत में उससे कह रहे हैं, 'जय श्री राम के नारे लगाओ', ये शिवभक्त हैं? ये शिवभक्त नहीं हैं, ये तो आतंकवादी हैं।