Milkipur By Election: मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव में होगी BJP की जीत, सपा विधायक का बड़ा दावा
मिल्कीपुर उपचुनाव को जीतने के लिए SP और BJP ने पूरा जोर लगा दिया है। वहीं इस बीच समाजवादी पार्टी के विधायक ने इस सीट को लेकर BJP की जीत का दावा किया है।
- भारत
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Milkipur Bypoll 2025: अयोध्या की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच रस्साकसी जारी है। 5 फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव के साथ इस सीट पर भी उपचुनाव होना है और 8 फरवरी को इस उपचुनाव के नतीजे आएंगे। अब इस सीट को जीतने के लिए समाजवादी पार्टी और बीजेपी ने पूरा जोर लगा दिया है। वहीं इस बीच समाजवादी पार्टी के विधायक अभय सिंह ने इस सीट को लेकर दावा किया है कि ये सीट बीजेपी जीत रही है। वहीं उन्होंने इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को लेकर जमकर तारीफ भी की है।
सपा विधायक अभय सिंह मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र के बारे में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, 'मैं इस क्षेत्र में काफी दिनों से आता रहा हूं। यहां पर मेरी बुआ और बहनों की शादियां हुई हैं। यहां और भी मेरी बहुत सी रिश्तेदारियां हैं। इस क्षेत्र में केंद्र और राज्य की सरकारी योजनाओं से लोग काफी लाभान्वित हुए हैं। सरकार की योजनाओं से यहां की जनता को काफी सहूलियत मिली है। लोग यहां पर चंद्रभान पासवान का समर्थन करते हुए दिखाई दे रहे हैं। कुल मिलाकर इस उपचुनाव में चंद्रभान पासवान का दावा मजबूत है जो कि साफ तौर पर देखा जा सकता है।'
मिल्कीपुर की जनता ने परिवारवाद पर कसा तंज
इस दौरान अभय सिंह ने कहा, 'इस इलाके में चौरसिया समाज की जनसंख्या काफी ज्यादा है जब मैंने उन लोगों से मुलाकात की तो हर किसी की जुबां पर चंद्रभान पासवान का नाम था। उन्होंने आगे बताया कि इस दौरान हमने यहां के दलित समाज से भी बातचीत की तो उन्होंने कहा कि परिवारवाद लोकतंत्र का बिगड़ा हुआ स्वरूप है। बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर ने जो आरक्षण दिया था जिसका लाभ हर अंतिम व्यक्ति को मिले तो लोग कह रहे हैं कि एक ही परिवार को सबकुछ जा रहा है। दूसरे परिवार को भी मिलना चाहिए। दरअसल इसके पहले इस सीट से अयोध्या के मौजूदा सपा सांसद अवधेश प्रसाद विधायक थे। जब वो लोकसभा चुनाव में अयोध्या सीट पर लड़ने के लिए चले गए तो अब उपचुनाव में उन्होंने अपनी जगह अपने बेटे अजीत प्रसाद को उम्मीदवार बनाया है।
राज्यसभा चुनाव के दौरान अभय सिंह ने सपा से की थी बगावत
साल 2022 में अभय सिंह ने चुनाव तो समाजवादी पार्टी के टिकट पर लड़ा था और जीता भी था लेकिन उसके बाद वो राजा भैया के साथ सूबे के राज्यसभा चुनावों में चले गए और बीजेपी को यूपी की राज्यसभा में 8वीं सीट पर जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। यूपी में आंकड़ों के हिसाब से 10 सीटों पर राज्यसभा चुनाव होने थे जिसमें से 7 पर बीजेपी और 3 पर समाजवादी पार्टी की जीत सुनिश्चित लग रही थी लेकिन बीजेपी ने ऐन मौके पर अपना 8वां उम्मीदवार उतार दिया था। जिसके बाद बीजेपी ने 8वीं सीट भी जीत ली थी। इस जीत में राम मंदिर का मुद्दा अहम रहा। पार्टी ने सबसे पहले उन विधायकों की लिस्ट पर नजर दौड़ाई जो राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के समर्थन में थे। इसमें समाजवादी पार्टी के अभय सिंह, मनोज पांडेय, राकेश सिंह और विनोद चतुर्वेदी के नाम शामिल थे। चुनाव के बाद अभय सिंह ने एक्स पर लिखा था - 'अपनी अंतरआत्मा की आवाज पर वोट किया, जब राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा थी तब सपा ने अपने विधायकों को जाने से रोका था, ये सही नहीं था।'