अपडेटेड 13 February 2026 at 23:05 IST
‘अयोध्या के बाद ये काशी-मथुरा हारेंगे...’, अलंकार अग्निहोत्री ने किया पार्टी बनाने का ऐलान, UGC बिल के विरोध में दिया था इस्तीफा
Alankar Agnihotri: वृंदावन में पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने सनातन या सवर्ण समाज के नाम से नई राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा की है। शुक्रवार को वृंदावन पहुंचे अलंकार अग्निहोत्री का यहां ब्राह्मण सेवा संघ ने स्वागत किया।
- भारत
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UP News: यूजीसी एक्ट के विरोध में इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट व निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया है। शुक्रवार को वृंदावन पहुंचे अलंकार अग्निहोत्री का ब्राह्मण सेवा संघ ने स्वागत किया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि सनातनी संस्कृति के नाम से वह पार्टी बनाएंगे। उन्होंने कहा कि वह उच्च वर्ग और सनानियों की बात रखने के लिए राजनीतिक पार्टी बनाने के साथ ही चुनाव भी लड़ेंगे। इसके अलावा अगर किसी दल से गठबंधन करना पड़ा तो वह भी करेंगे।
श्री बांके बिहारी दर्शन के दौरान आया विचार
अलंकार अग्निहोत्री ने यह बात गोधूलि पुरम में स्थित श्री हरिदास धाम में आयोजित यूजीसी एवं एससी एसटी के विरोध में आयोजित बैठक से पहले पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें श्री बांके बिहारी महाराज के दर्शन करने के दौरान पार्टी बनाने का विचार आया। इसलिए उन्हीं की पावन धरा से पार्टी बनाने का वह एलान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 'धर्म स्थलों एवं मंदिरों का संरक्षण का कार्य सरकार का नहीं हमारा कर्तव्य है। वह अयोध्या हारे.. अब काशी और मथुरा में भी हारेंगे।"
प्रमुख मुद्दों पर सरकार को घेरा
अलंकार अग्निहोत्री ने सरकार पर सनातन विरोधी होने का आरोप लगाते हुए श्री बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर, यूजीसी के नए नियमों और एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग को मुख्य मुद्दा बनाया है। उनका तर्क है कि कॉरिडोर के नाम पर प्राचीन संस्कृति को नष्ट किया जा रहा है और उच्च वर्ग व सनातनियों की समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अब समाज को एक नया राजनीतिक विकल्प देने की तैयारी कर रहे हैं।
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‘समाज में विभाजन पैदा कर रही सरकार’
अग्निहोत्री के अनुसार, वर्तमान सरकार के फैसले समाज में विभाजन पैदा कर रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से एससी-एसटी एक्ट के फर्जी मुकदमों का मुद्दा उठाया और पीड़ितों की मदद के लिए एक ईमेल आईडी जारी की है, जिस पर दर्जनों शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं। उन्होंने बिहार के एक सवर्ण अधिकारी का उदाहरण देते हुए न्याय व्यवस्था में हो रहे शोषण और कानून के गलत इस्तेमाल पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
‘यूजीसी के नियम शिक्षा के नाम पर शोषण’
उन्होंने कहा कि बिहार में एक सवर्ण अधिकारी को दो बार निलंबित किया गया। उस पर फिजिकल रिलेशन बनाने के लिए दबाव डाला जा रहा है। इस तरह कानून का दुरुपयोग किया जा रहा है। अंत में, उन्होंने उन ब्राह्मण सांसदों और विधायकों पर तीखा हमला बोला जो समाज के नाम पर वोट लेकर 'कॉर्पोरेट एम्प्लॉई' की तरह चुप बैठे हैं।
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उन्होंने यूजीसी के नियमों को शिक्षा के नाम पर शोषण करार दिया और समाज से पूछा कि क्या वे अपने बच्चों को ऐसी असुरक्षित व्यवस्था में भेजेंगे? अग्निहोत्री ने चेताया कि यदि जनप्रतिनिधियों ने चुप्पी नहीं तोड़ी, तो समाज इसे विश्वासघात के रूप में देखेगा।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 13 February 2026 at 23:05 IST