अपडेटेड 13 February 2026 at 20:46 IST

'भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है, अंतरराष्ट्रीय संबंधों की नई गाथा लिख रहा है', सेवा तीर्थ के उद्घाटन के बाद बोले PM मोदी

'सेवा तीर्थ' में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'आजादी के बाद साउथ ब्लॉक, नॉर्थ ब्लॉक जैसी इमारतों से देश के लिए अनेक निर्णय, नीतियां बनी लेकिन यह भी सच है कि ये इमारतें ब्रिटिश साम्राज्य के प्रतीक के तौर पर बनाई गई थी।'

PM Modi
नए दफ्तर के उद्घाटन पर PM मोदी का संबोधन | Image: ANI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपने नए दफ्तर 'सेवा तीर्थ' का औपचारिक उद्घाटन किया। PM मोदी ने नए कार्यालय की कई तस्वीरें भी शेयर कीं और कहा कि नया ऑफिस देश को समर्पित है। इस मौके पर  प्रधानमंत्री ने सेवा तीर्थ स्मारक डाक टिकट और स्मारक सिक्का भी जारी किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, हमने गुलामी की मानसिकता को बदलने का अभियान शुरू किया। हमारे इन फैसलों के पीछे एक गहरी भावना है, एक विजन है, जो हमारे वर्तमान, हमारे अतीत और हमारे भविष्य को भारत के गौरव से जोड़ता है।

'सेवा तीर्थ' में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "आज हम सभी एक नए इतिहास को बनते देख रहे हैं। आज विक्रम संवत् 2082, फाल्गुन कृष्ण पक्ष, विजया एकादशी का महत्वपूर्ण शुभ दिन है। 13 फरवरी का यह दिन भारत की विकास यात्रा में एक नए आरंभ का साक्षी बन रहा है। हमारे शास्त्रों में विजया एकादशी का बहुत महत्व रहा है, इस दिन जिस संकल्प के साथ बढ़ते हैं उसमें विजय जरूर प्राप्त होती है। आज हम सभी भी सेवा तीर्थ में विकसित भारत के लक्ष्य के साथ प्रवेश कर रहे हैं।"

PM मोदी ने बताया क्यों बदला जा रहा है पुरानी इमारतों का नाम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आजादी के बाद साउथ ब्लॉक, नॉर्थ ब्लॉक जैसी इमारतों से देश के लिए अनेक निर्णय, नीतियां बनी लेकिन यह भी सच है कि ये इमारतें ब्रिटिश साम्राज्य के प्रतीक के तौर पर बनाई गई थी। इन इमारतों को बनाने का मकसद भारत को गुलामी की जंजीरों में जकड़े रखना था। हमने वीरों के नाम पर नेशनल वॉर मेमोरियल बनाया। हमने पुलिस की वीरता को सम्मान देने के लिए पुलिस स्मारक बनाया। रेसकोर्स का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग रखा गया। यह केवल नाम बदलने का निर्णय नहीं था, यह सत्ता के मिजाज को सेवा की भावना में बदलने का पवित्र प्रयास था। "

सेवा तीर्थ जनता की आकांक्षाओं को पूरा करेगा-PM मोदी

पीएम मोदी ने बताया कि "साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक जैसी इमारतें जहां ब्रिटिश हुकूमत की सोच को लागू करने के लिए बनी थी। वहीं, आज मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन जैसे नए परिसर भारत की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बने हैं। यहां से जो फैसले होंगे वह किसी महाराजा की सोच को नहीं 140 करोड़ देशवासियों की सोच को आगे बढ़ाने का आधार बनेंगे।"

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भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है-PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की विकासगाथा को लेकर कहा, "आज जब भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है, आज जब भारत अंतर्राष्ट्रीय संबंधों की नई गाथा लिख रहा है, आज जब भारत नए-नए ट्रेड समझौते कर संभावनाओं के नए दरवाज़े खुल रहे हैं, जब देश संतृप्ति के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है तो सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवनों में आप सबके काम की नई गति और आपका नया आत्मविश्वास देश के लक्ष्यों को प्राप्त करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा।"

 गुलामी की मानसिकता को बदलने का अभियान 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "2014 में देश ने तय किया कि गुलामी की मानसिकता अब और नहीं चलेगी। हमने गुलामी की इस मानसिकता को बदलने का अभियान शुरू किया, हमने वीरों के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल बनाया। हमने पुलिस की वीरता को सम्मान देने के लिए पुलिस स्मारक बनाया। रेस कोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग रखा गया। यह सिर्फ नाम बदलना नहीं था, यह सत्ता के मिजाज को सेवा की भावना में बदलने का पवित्र प्रयास था।"

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पीएम मोदी ने आगे कहा,  ये भवन हमें हर क्षण याद दिलाएगा कि शासन का अर्थ सेवा है और दायित्व का अर्थ समर्पण है। हमारे शास्त्रों में भी कहा गया है, सेवा परमो धर्मः, अर्थात् सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। भारतीय संस्कृति का यही विचार प्रधानमंत्री कार्यालय और सरकार का विजन है। इसलिए सेवा तीर्थ केवल एक नाम नहीं, यह एक संकल्प है। सेवा तीर्थ यानी नागरिक की सेवा से पवित्र हुआ स्थल। 

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Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 13 February 2026 at 20:34 IST