VIDEO: मथुरा में बेकाबू कार ने 3 श्रद्धालुओं को मारी टक्कर, महिला की दर्दनाक मौत, दो की हालत गंभीर

मथुरा में कार ने 3 भक्तों को टक्कर मार दी, सड़क हादसे में महिला की मौत हो गई। हैरान करने वाला CCTV भी सामने आया है।

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 Mathura accident
कार ने सड़क किनारे खड़े 3 श्रद्धालुओं को टक्कर मारी | Image: Republic

Mathura accident: मथुरा में एक सड़क हादसे की वीडियो सामने आई है। वृन्दावन कोतवाली क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़े 3 श्रद्धालुओं को टक्कर मार दी। हादसे में एक महिला श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि 2 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

हादसे के वक्त मौजूद लोगों ने बताया कि चालक दुर्घटना के बाद वाहन लेकर फरार हो गया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और सड़क सुरक्षा उपायों की मांग की। वहीं वीडियो सामने आने के बाद हादसे को साफ तौर से देखा जा सकता है कि कार चलक ने लोगों को टक्कर मारी और वहां से निकल गया। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है कि हादसे के पीछे का कारण क्या था। वहीं आरोपी कार चालक को पकड़ने की कोशिश भी की जा रही है। 

बुलंदशहर और महराजगंज में भी सड़क हादसा

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर और महराजगंज जिलों में दो अलग‑अलग सड़क हादसों में कुल 6 लोगों की मौत हो गई और चार लोग घायल हुए। महराजगंज के कोठीभार थाना क्षेत्र में तेज़ रफ्तार बाइक खड़ी डीसीएम से टकरा गई, जिससे बाइक सवार पति‑पत्नी बीरबल चौहान (46) और शीला चौहान (40) की मृत्यु हो गई। बुलंदशहर में स्कूटी और स्विफ्ट कार की टक्कर में स्कूटी सवार पति‑पत्नी और उनका 6 साल का बच्चा मृत पाए गए, जबकि चार घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने दोनों मामलों में शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे और आगे की जांच शुरू की।

सड़क हादसों की जांच में होने जा रहे बदलाव

सड़क हादसों में अभी तक भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा के तहत मुकदमे दर्ज किए जाते हैं। इसमें चालक की लापरवाही दिखाई जाती है। जल्द ही मुकदमों की विवेचना का यह तरीका बदलने वाला है। मुकदमों में अब वाहन अधिनियम (एमवी एक्ट) की धारा भी लगाई जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि सड़क हादसे का कारण क्या है। हादसा रोड इंजीनियरिंग की कमी से हुआ है, तो संबंधित विभाग व ठेकेदार की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इसे लेकर लखनऊ यातायात मुख्यालय में यातायात पुलिस अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सड़क हादसों के मुकदमे में अभी तक सारा दोष चालक पर ही डाल दिया जाता है। भले ही हादसे का कारण रोड इंजीनियरिंग में कमी रहा हो। 

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दरअसल, उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की जांच प्रक्रिया में बदलाव किया जा रहा है। अब दुर्घटनाओं के लिए सिर्फ ड्राइवर ही नहीं, बल्कि सड़क निर्माण करने वाले ठेकेदार और इंजीनियर भी जिम्मेदार माने जाएंगे। सरकार का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ाना और सड़क निर्माण में लापरवाही को कम करना है। लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी। 

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Published By:
 Sujeet Kumar
पब्लिश्ड