Delhi Blast: दिल्ली ब्लास्ट के 4 आरोपियों को मिली 10 दिन की NIA कस्टडी, पटियाला हाउस कोर्ट में हुई पेशी

Delhi blast case accused: दिल्ली में हुए बम धमाके में कुल 15 लोगों की जान गई थी और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे। यह विस्फोट 10 नवंबर को शाम 7 बजे के आसपास एक चलती हुंडई i20 कार में हुआ था, जिसे आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी चला रहा था।

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Delhi blast case accused
कोर्ट में पेशी के दौरान दिल्ली धमाके के चारों आरोपी (लाल घेरे और काले नकाब में) ) | Image: Republic

Delhi blast case accused: 10 नवंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास हुए फिदायीन हमले में जांच एजेंसी NIA ने बड़ी सफलता पाई है। इस आतंकी घटना से जुडे़ चार आरोपियों को एनआईए ने भारी सुरक्षा के बीच आज दिल्ली के पटियाला हाऊस कोर्ट में पेश किया। इन चारों आरोपियों के चेहरे काले कपड़े से ढके थे। इनका नाम डॉक्टर मुजम्मिल, डॉ शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद और आदिल अहमद है।

पेशी के बाद कोर्ट ने इन चारों आरोपियों को 10 दिनों की रिमांड पर एनआईए को सौंप दिया है। अब जांच एजेंसी इन आरोपियों के साथ तसल्ली से पूछताछ करेगी और दिल्ली धमाके से जुड़े कई बड़े खुलासे कर सकती है। इन चारों की गिरफ्तारी के साथ दिल्ली बम धमाके में कुल गिरफ्तार हुए आरोपियों की संख्या 6 हो गई है।

एनआईए ने कुल 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार 

न्यूज एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार को दिल्ली में लाल किले के बाहर 10 नवंबर को हुए घातक दिल्ली कार विस्फोट में शामिल चार और प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिससे मामले में गिरफ्तारियों की कुल संख्या छह हो गई। चार आरोपियों में पुलवामा (जम्मू और कश्मीर) के डॉ. मुजम्मिल शकील गनई, अनंतनाग (जम्मू और कश्मीर) के डॉ. अदील अहमद राथर, लखनऊ (उत्तर प्रदेश) के डॉ. शाहीन सईद और शोपियां (जम्मू और कश्मीर) के मुफ्ती इरफान अहमद वागे शामिल हैं, जिन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में जिला सत्र न्यायाधीश के उत्पादन आदेश पर श्रीनगर में एनआईए ने हिरासत में लिया।

एजेंसी के अनुसार, इन सभी ने आतंकवादी हमले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें कई निर्दोष लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे। मामले में तेजी से जांच करते हुए एनआईए ने पहले दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था आमिर राशिद अली, जिसके नाम पर विस्फोट में प्रयुक्त कार पंजीकृत थी, तथा जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश, जिसने घातक हमले में शामिल आतंकवादी को तकनीकी सहायता प्रदान की थी।

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पहले से गिरफ्तार आरोपियों से इन चारों का होगा सामना 

एनएआई की रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों का सामना एनआईए द्वारा पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से कराया जाएगा। एनआईए ने कहा, "आरसी-21/2025/एनआईए / डीएलआई मामले में संपूर्ण आतंकी साजिश का पर्दाफाश करने के एनआईए के प्रयासों के तहत उनसे पूछताछ जारी है।"

दिल्ली बम धमाके में 15 लोगों की गई थी जान

दिल्ली में हुए बम धमाके में कुल 15 लोगों की जान गई थी और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे। यह विस्फोट 10 नवंबर को शाम 7 बजे के आसपास एक चलती हुंडई i20 कार में हुआ था, जिसे आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी चला रहा था। अगले दिन एनआईए ने दिल्ली पुलिस से मामला अपने हाथ में ले लिया और व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। 

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यह आतंकवाद निरोधी एजेंसी(NIA), जिसे हमले के तुरंत बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जांच सौंपी गई थी, नरसंहार में शामिल आतंकवादी मॉड्यूल के प्रत्येक सदस्य का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए विभिन्न राज्य पुलिस बलों के साथ मिलकर काम कर रही है।

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Published By:
 Sujeet Kumar
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