दो-दो हजार रु में बेच रहे थे Maha Kumbh में नहाने वाली महिलाओं के वीडियो, टेलीग्राम पर चल रहा था 'महापापियों का गैंग'
जरा सोचिए संगम में पवित्र स्नान कर लौटी किसी महिला को पता चले किसी ने उसका नहाते हुए वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाल दिया गया तो उसके दिल पर क्या गुजरेगी?
- भारत
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Mahakumbh 2025: महाकुंभ में अबतक लगभग 60 करोड़ लोग डुबकी लगा चुके हैं। जरा सोचिए संगम में पवित्र स्नान करके लौटी किसी महिला को पता चले किसी ने चोरी से उसका नहाते हुए वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाल दिया गया है तो उसके दिल पर क्या गुजरेगी? शायद इसकी कल्पना तक नहीं की जा सकती। लेकिन ऐसा हुआ है। जी हां गुजरात पुलिस ने महाकुंभ में नहाती महिलाओं के वीडियो बनाकर अपलोड करने के मामले में प्रयागराज के यूट्यूबर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
उनपर इस तरह के वीडियो यूट्यूब और टेलीग्राम पर अपलोड करने का आरोप है। छानबीन में इनके पास से महिलाओं के आपत्तिजनक फुटेज मिले हैं। प्रयागराज से गिरफ्तार आरोपी का नाम चंद्र प्रकाश है। वहीं महाराष्ट्र के लातूर और सांगली से प्रज्वल तेली और प्राज पाटिल को भी गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में पता चला है कि आरोपी टेलीग्राम ग्रुप पर दो-दो हजार फुटेज में बेचते थे। वहीं ये भी पता चला है कि गिरफ्तार किए गए दो आरोपी नीट की तैयारी भी कर रहे थे।
नहाती हुई महिला की फोटो और वीडियो के अलग रेट, कपड़े बदलते हुई का अलग
गुजरात पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने अस्पतालों व अन्य सार्वजनिक स्थानों से अवैध तरीके से सीसीटीवी फुटेज हासिल किए। फिर इन्हें दो-दो हजार रुपये में टेलीग्राम चैनल पर क्यूआर कोड फॉर्मेट में बेचा। वे एक-दूसरे से संपर्क के लिए वर्चुअल नंबरों का इस्तेमाल करते थे। तीनों आरोपियों को एक मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
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चंद्रप्रकाश ने कुछ महीने पहले यूट्यूब चैनल शुरू किया था और इसी पर महाकुंभ में स्नान करती महिला तीर्थयात्रियों के वीडियो अपलोड किए। चंद्रप्रकाश, तेली और पाटिल टेलीग्राम एप पर सब्सक्राइबर्स से पैसे कमाने के इरादे से महिला मरीजों के आपत्तिजनक वीडियो अपलोड किए थे। पूरा मामला हाल ही में राजकोट स्थित एक अस्पताल के वीडियो यूट्यूब पर जारी किए जाने के बाद सामने आया। पुलिस के मुताबिक जांच में कुछ हैकर्स ने राजकोट के मैटरनिटी हॉस्पिटल के सीसीटीवी सिस्टम में सेंध लगाकर फुटेज हासिल किए थे।
इस नाम से बना टेलीग्राम चैनल
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छानबीन में सामने आया है कि Ganga river open bathing group”, “Hidden bath videos group”, और “Open bath videos group” नाम से टेलीग्राम चैनल बने थे। इन चैनलों पर खुलेआम महिलाओं के वीडियो बेचे जा रहे थे। इनमें से बहुत सारे वीडियो और तस्वीरों में महिलाएं तौलिया लपेट कर कपड़े बदल रही हैं। तस्वीरों में महिलाओं के खुले अंगों को लाल रंग से ढक दिया गया है और ये लालच दिया जा रहा है कि पूरा वीडियो देखने के लिए पैसे देकर हमारे प्राइवेट ग्रुप जॉइन करो।
क्यूआर कोड से लेते थे पेमेंट
प्राइवेट ग्रुप ज्वाइन करने के बाद वहां किस टाइप के वीडियो चाहिए, उसकी लिस्ट आती थी और फिर क्यूआर कोड के जरिए पेमेंट लिया जाता था। छानबीन में सामने आया है कि आरोपियों ने ऑनलाइन ऐसी अश्लील क्लिप बेचकर 7-8 महीनों में आठ से नौ लाख रुपये कमाए। हमें उनके डिवाइस से सार्वजनिक स्थानों सहित लगभग 2,000 क्लिप मिले है।
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