तीन पिस्टल बरामद लेकिन चली सिर्फ एक...दिव्या हत्याकांड में हथियार पर उलझी पुलिस; मानस का iPhone हुआ अनलॉक तो खुलेगा लखनऊ डबल मर्डर-सुसाइड केस
लखनऊ के पॉश इलाके गोमतीनगर में एसबीआई (SBI) कर्मचारी मानस बाजपेयी द्वारा अपनी पत्नी दिव्या और बहन तूलिका की हत्या के बाद खुदकुशी किए जाने के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है।
- भारत
- 3 min read

लखनऊ के पॉश इलाके गोमतीनगर में एसबीआई (SBI) कर्मचारी मानस बाजपेयी द्वारा अपनी पत्नी दिव्या और बहन तूलिका की हत्या के बाद खुदकुशी किए जाने के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। फॉरेंसिक और बैलिस्टिक जांच की शुरुआती रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिन्होंने इस दोहरे हत्याकांड और आत्महत्या की गुत्थी को और उलझा दिया है।
इस पूरी घटना में सबसे बड़ा सवाल घटनास्थल से मिले हथियारों और मानस के लॉक पड़े आईफोन (iPhone) को लेकर खड़ा हो गया है। फॉरेंसिक और बैलिस्टिक जांच में यह साफ हो गया है कि पत्नी, बहन की हत्या और मानस की खुदकुशी इन तीनों घटनाओं में केवल एक ही पिस्टल का इस्तेमाल किया गया था। जबकि पुलिस ने मौके से 15 जिंदा कारतूस और तीन खोखे भी बरामद किए हैं। फॉरेंसिक और बैलिस्टिक जांच में सामने आया है कि बरामद तीनों हथियारों में से सिर्फ एक का इस्तेमाल घटना में हुआ।
3 पिस्टल बरामद लेकिन चली सिर्फ एक, फिर दो कहां से आई?
अगर वारदात में सिर्फ एक हथियार का इस्तेमाल हुआ, तो बाकी दो पिस्टल मानस के पास कहां से आईं? अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है। इसके अलावा एक और बड़ा सवाल ये है कि एक बैंक कर्मचारी के घर में इतने हथियार और इतनी भारी मात्रा में कारतूस रखने की असली वजह क्या थी?
Advertisement
सबसे अहम सुराग- मानस का 'लॉक' आईफोन
डीसीपी (पूर्वी) डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि घटनास्थल से मानस के दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इनमें से एक बैंक का आधिकारिक (ऑफिशियल) फोन है, जबकि दूसरा उसका निजी आईफोन है। पुलिस की जांच अब पूरी तरह से इस आईफोन पर टिक गई है। एप्पल (Apple) के सख्त सिक्योरिटी सिस्टम के कारण पुलिस आईफोन का लॉक खोलने में कोई जल्दबाजी नहीं कर रही है।
Advertisement
गलत पासवर्ड डालने पर फोन का सारा डेटा हमेशा के लिए डिलीट हो सकता है। साइबर सेल और जांच टीम मानस के करीबी दोस्तों और रिश्तेदारों से पूछताछ कर रही है, ताकि फोन का सही पासवर्ड पता लगाया जा सके।
iPhone हुआ अनलॉक तो इन सवालों के मिलेंगे जवाब
- घटना को अंजाम देने से पहले मानस की आखिरी बार किससे और क्या बात हुई थी?
- घर में बरामद तीन अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त किससे की गई?
- क्या मानस किसी भारी मानसिक तनाव, आर्थिक संकट या ब्लैकमेलिंग का शिकार था?
सुसाइड नोट नहीं, सिर्फ एक 'वॉट्सऐप स्टेटस'
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस खौफनाक कदम को उठाने से ठीक पहले मानस ने अपने वॉट्सऐप पर एक स्टेटस लगाया था। इसके अलावा, पूरे घर को खंगालने के बाद भी पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। चूंकि अभी तक मानस, दिव्या या तूलिका किसी भी पक्ष के परिवार वालों ने पुलिस को कोई लिखित शिकायत (तहरीर) नहीं दी है, इसलिए पूरी जांच फॉरेंसिक साक्ष्यों और डिजिटल सबूतों के इर्द-गिर्द घूम रही है।
पुलिस के लिए अब सबसे बड़ी प्राथमिकता उस नेटवर्क का पता लगाना है जहां से ये तीन हथियार मानस तक पहुंचे। इसके साथ ही, आईफोन का डेटा रिकवर होते ही इस खौफनाक वारदात के पीछे छिपे असली कारणों से पर्दा उठने की पूरी उम्मीद है। फिलहाल, पुलिस हर एंगल से इस हाई-प्रोफाइल मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।