Lucknow Fire: अग्निकांड से आहत डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक फफक-फफक कर रोए, कहा- मैंने अपनी आंखों से 14 शव देखें, 4 बच्चे जख्मी... VIDEO

Lucknow Coaching Fire: लखनऊ अग्निकांड में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं 7 लोग गंभीर घायल हैं। मौके पर मौजूद डिप्टी CM ब्रिजेश पाठक शवों को देख भावुक होकर रो पड़े। जानें जब आग लगी तब कैसा था मंजर? पढ़ें पूरी खबर

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Lucknow Coaching Fire Update Brijesh Pathak emotional full story
लखनऊ अलीगंज कोचिंग सेंटर अग्निकांड की पूरी कहानी | Image: ANI

Lucknow Coaching Fire Update: लखनऊ के कोचिंग इंस्टीट्यूट में लगी भीषण आग में झुलसकर 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। मौके पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अपने सामने 14 लाशें देखीं तो वो बिल्कुल टूट गए। वहां मौजूद पत्रकारों से बात करते हुए  डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने भावुक होकर बताया कि, ये बहुत ही बड़ी और दुखद घटना है। इस दौरान उनकी आंखों में आंसू थे।

फायर ब्रिगेड और NDRF की टीमें मौके पर मौजूद

डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने कहा- 'कुल तेरह बच्चों को अभी बाहर निकाला गया है। उन सभी को हॉस्पिटल भेज दिया गया है। यह एक बड़ी घटना है, अंदर धुआं है। हर एक चीज को हटाकर चेक किया जा रहा है और हर कमरे की जांच की जा रही है, अंदर बहुत सारा लकड़ी का फर्नीचर था और उस फर्नीचर से निकलने वाले धुएं से कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है। फायर ब्रिगेड के लोग अंदर हैं। NDRF की टीमें मौके पर हैं।

मैंने अपनी आंखों से 14 लाखें देखीं- डिप्टी CM ब्रजेश

इसके बाद जब ब्रजेश पाठक से आग लगने का कारण पूछा गया तो, उन्होंने बताया कि, आग अचानक लगी। ये एक एनिमेशन सेंटर था। बच्चे यहां एनिमेशन सीखने आते थे और कार्टून बनाते थे। मुझे अभी तक इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है कि यह घटना कैसे शुरू हुई। फिलहाल घायलों को KGMC ट्रॉमा सेंटर भेजा जा रहा है। वे लगभग 16-17 साल के थे, घटना की हाई-लेवल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। प्रिंसिपल सेक्रेटरी (होम) और DGP को मौके पर बुलाया गया है और उन्हें कारणों की जांच करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है, मैंने अपनी आंखों से 14 लाशें देखीं।'

लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड की पूरी कहानी

  • सोमवार को (22 जून) दोपहर 2 बजकर 15 मिनट पर लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक तीन मंजिला इमारत में भीषण आग लगती है। बेसमेंट-ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप और क्लिनिक, ऊपरी फ्लोर पर लर्निंग स्पेस (कोचिंग/लाइब्रेरी) और हेड हॉपर स्टूडियो, 3D आर्ट और गेमिंग सेंटर था।
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  • इस हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें 12 पुरुष और 3 महिलाएं शामिल हैं, मरने वालों में ज्यादातर 25-30 साल के स्टूडेंट्स और युवा कर्मचारी है, सभी की मौत का मुख्य कारण दम घुटना (सफोकेशन) था, शरीर पर जलने के निशान कम हैं।
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  • स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शुरुआती जांच में बेसमेंट के AC में शॉर्ट सर्किट से आग शुरू हुई, जो तेजी से ऊपर फैल गई। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बिजली के खंभे से शॉर्ट सर्किट की भी बात कही। बताया जा रहा है कि  इमारत में इमरजेंसी एग्जिट नहीं था।
  • आग और धुएं से बचने के लिए कई छात्र बाथरूम में बंद हो गए, जहां दम घुटने से उनकी मौत हो गई। उनमें से कुछ लोगों ने तार पकड़कर या कूदकर जान बचाई।
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  • एक छात्र जयंत ने दूसरी मंजिल से कूदकर जान बचाने की कोशिश की, लेकिन नीचे ग्रिल पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया, उसे तुरंत ट्रॉमा सर्जरी वार्ड में भर्ती कराया गया है।
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  • फायर ब्रिगेड की 10 से ज्यादा गाड़ियां, SDRF, NDRF मौके पर मौजूद है। फायरकर्मियों ने बगल की बिल्डिंग की दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया। शव निकाले जा रहे हैं। पेट शॉप से बिल्लियों और कुत्तों को भी रेस्क्यू किया गया।
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  • हादसे को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही है, PM मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये, घायलों को 50 हजार रुपये की मदद का ऐलान किया है।  
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  • CM योगी भी अलिगढ़ दौरा छोड़कर लखनऊ पहुंचे हैं, जहां उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए। अखिलेश यादव, राहुल गांधी, मायावती, राष्ट्रपति मुर्मू ने भी हादसे को लेकर दुख जताया है।
  • शवों को KGMU ट्रॉमा सेंटर और पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाया गया है। फिलहाल 7 लोग गंभीर घायल बताए जा रहे हैं, ये देख मौके पर मौजूद डिप्टी CM ब्रिजेश पाठक भावुक होकर रो पड़े।
  • इमारत पूरी तरह जलकर राख हो गई है, आसपास की बिल्डिंग खाली कराई गई है, वहीं परिजनों का ट्रॉमा सेंटर के बाहर रो-रोकर बुरा हाल हैं।
  • इमारत में अभी भी बचाव कार्य जारी है, वहीं जांच भी चल रही है। प्रशासन की तरफ से दोषियों पर सख्त कार्रवाई का वादा किया गया है। घटना बेहद दर्दनाक है क्योंकि ज्यादातर युवा स्टूडेंट्स बिना एग्जिट वाले मकान में फंस गए थे। कई बच्चों में बाथरूम में जाकर जान बचाने की कोशिश की, लेकिन वहीं दम तोड़ दिया। 

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Published By:
 Nidhi Mudgill
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