UP: मुझे छूना मत...सुहागरात पर दुल्हन ने बताया 'काला सच' फिर करने लगी ये जिद, दूल्हे ने गैरमर्द को सौंप दिया पत्नी का हाथ
ब्रजेश राजभर की शादी 7 मई को कोशिला कुमारी से हुई थी। 8 मई को ब्रजेश दुल्हन को विदा कर घर लाया।
- भारत
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Kushinagar News: यूपी के एक युवक की खुशियां महज चार दिन में चकनाचूर हो गईं जब शादी की पहली रात (सुहागरात) पत्नी ने उसे वो सच बता दिया जो कोई कभी ना सुनना चाहे। सुहागरात पर पत्नी ने कहा- मुझे हाथ ना लगाना, मैं तुमसे प्यार नहीं करती। मेरा ब्वॉयफ्रेंड है। मुझे उसी से शादी करनी है। तुमसे तो मैंने मजबूरी में शादी की है। प्यार मै अपने बॉयफ्रेंड से ही करती रहूंगी। यह सुनकर पति के पैरों तले जमीन खिसक गई। अगली सुबह उसने सारी बात घरवालों को बताई। परिजनों ने लड़की के घरवालां को बुलाया लेकिन फिर भी वो अपनी बात पर अड़ी रही। बाद में विवाहिता के माता पिता और लड़के के मां-बाप की सहमति से दोनों पक्ष अलग हो गये।
मामला कुशीनगर जनपद के तमकुहीराज थाना क्षेत्र के गांव गाजीपुर का है। यहां के मुन्ना राजभर के बेटे ब्रजेश राजभर की शादी 7 मई को कोशिला कुमारी पुत्री दिलीप भर निवासी राम दास बगही थाना कटेया जिला गोपालगंज बिहार से हुई थी। 8 मई को ब्रजेश दुल्हन को विदा कर घर लाया। वो दांपत्य जीवन के सपने संजो रहा था। खुश था कि उसे उसकी जीवनसाथी मिल गई। लेकिन सुहागरात पर पत्नी ने पति को बॉयफ्रेंड के बारे में बता दिया। दोनों परिवारों में हंगामा हुआ। दुल्हन को समझाया गया लेकिन वो नहीं मानी।
पांचवे दिन गहना लेकर प्रेमी संग भागी, गांववालों ने पकड़ लिया
चार दिन तक नवविवाहिता अपने ससुराल रही, लेकिन पांचवें दिन सोमवार को नवविवाहिता ससुराल से आभूषण और नकदी लेकर भाग निकली। नवविवाहिता को इस तरह घर से अकेले निकलता देख ग्रामीणों को शक हुआ। तत्काल उसे रोक लिया गया और ससुराल वालों को जानकारी दी गई। कुछ देर में ही ससुराल वाले पहुंचे तो नवविवाहिता को उनके हवाले कर दिया गया। ससुरालियों से भी नवविवाहिता ने दो टूक कह दिया कि वह प्रेमी के साथ ही रहेगी।
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ससुराल वालों ने इसकी जानकारी फिर नवविवाहिता के मायके वालों को दी। इसके बाद उसके माता-पिता एवं अन्य लोग मौके पर पहुंचे। उन लोगों ने भी समझाने का प्रयास किया, लेकिन नवविवाहिता इस शादी पर नाराजगी जाहिर करते हुए प्रेमी के साथ जीवन जीने की दुहाई देने लगी। काफी मानमनौव्वल के बाद भी नवविवाहिता के राजी नहीं होने पर तमकुहीराज तहसील पहुंचे दोनों पक्षों के लोगों ने प्रेमी को मौके पर बुलाकर उसकी राय जानी। प्रेमी ने उसे साथ रखने और सात जन्म तक जीने-मरने की कसम खाई। उसके दावे के बाद शपथ पत्र बनवाकर पति ने उसके साथ पत्नी को विदा कर दिया।