प्रिंसिपल ने किया 'गंदा काम' या कुछ और? खून से लथपथ स्कूल से लौटी 5 साल की मासूम, नईमुद्दीन हुआ गिरफ्तार, मेडिकल रिपोर्ट में खुलेगा राज
उत्तर प्रदेश कुशीनगर से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां छात्रा के साथ स्कूल के प्रधानाध्यापक ने हैवानियत को अंजाम दिया।
- भारत
- 3 min read

Kushinagar News: उत्तर प्रदेश कुशीनगर से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां छात्रा के साथ स्कूल के प्रधानाध्यापक ने हैवानियत को अंजाम दिया। लहूलूहान छात्रा का इलाज मेडिकल कालेज में चल रहा है। पुलिस ने गंभीर धाराओं मे मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई मे जुट गई है।
मिली जानकारी के अनुसार मामला तरया सुजान थाना क्षेत्र के विरवट कोन्हवालिया गांव का है। जहां एक 5 वर्षीय बच्ची रोज की तरह गांव के प्राथमिक विद्यालय पढ़ने गई थी। लेकिन जब वह घर लौटी तो उसकी हालत देख परिजनों के होश उड़ गए। परिजनों के मुताबिक बच्ची के शरीर से खून निकल रहा था और वह कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं थी।
परिवार में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में बच्ची को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं हालत नाजुक होने के कारण उसे कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
मां-बाप ने लगाया 'गलत काम' का आरोप
Advertisement
पीड़िता के माता-पिता ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी के साथ गलत काम किया गया है और इस घटना को स्कूल के प्रधानाध्यापक नईमुद्दीन अंसारी ने अंजाम दिया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। पुलिस ने आरोपी प्रधानाध्यापक नईमुद्दीन अंसारी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच गांव में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि स्कूल जैसे सुरक्षित स्थान पर इस तरह की घटना बेहद चिंताजनक है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
Advertisement
घटना पर सियासी प्रतिक्रिया, सख्त कार्रवाई की मांग
इस संवेदनशील मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर जिस स्कूल को बच्चों के लिए सुरक्षित माना जाता है, वहीं ऐसी घटना कैसे हो गई? उत्तर प्रदेश सरकार में पिछड़ा आयोग के सदस्य फुलबदन कुशवाहा ने भी मामले को गंभीर बताते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने कहा कि बच्ची को न्याय दिलाना सरकार और प्रशासन की प्राथमिकता है।
पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आरोपों की पुष्टि होने पर आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं कि जांच के बाद सच्चाई क्या सामने आती है और पीड़ित बच्ची को कब तक न्याय मिल पाता है।
(कुशीनगर से पीके विश्वकर्मा का रिपोर्ट)