अपडेटेड 13 January 2026 at 17:22 IST

KGMU धर्मांतरण मामला: अधिकारियों ने दे रखा था आरोपी को संरक्षण, पीड़िता की शिकायत को 5 दिनों तक दबाए रखा HoD, बड़ा खुलासा

KGMU में धर्मांतरण केस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई चौकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। आरोप है कि डॉ रमीज के खिलाफ 17 दिसंबर को ही पीड़िता ने शिकायत की थी। मगर 5 दिन तक HoD ने मामले को दबाये रखा।

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KGMU conversion case
KGMU धर्मांतरण मामला | Image: Republic

लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में धर्मांतरण केस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई चौकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। धर्मांतरण का खेल खेलने वाला आरोपी डॉ रमीज मलिक की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की पूछताछ जारी है। पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें आई थी। मगर KGMU ने उस पर एक्शन नहीं लिया।

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी डॉ रमीज के खिलाफ 17 दिसंबर को ही पीड़िता ने शिकायत की थी। मगर 5 दिन तक HoD ने मामले को दबाये रखा। इतना ही नहीं आरोपी के खिलाफ पहले भी शिकायतें आई थीं। आरोप है कि KGMU के जिम्मेदार अधिकारियों ने डॉ रमीज को संरक्षण दिया। FIR होने तक KGMU प्रशासन ने कोई करवाई नहीं की थी।

दो हफ्ते से फरार था आरोपी डॉ. रमीज मलिक

आपको बता दें कि आरोपी डॉ. रमीज मलिक दो हफ्ते से ज्यादा समय से फरार चल रहा था। पुलिस की पांच अलग-अलग टीमें आरोपी को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही थी। डॉ रमीज पर आरोप है कि उसने एक महिला चिकित्सक का धर्मांतरण कराकर उससे फर्जी तरीके से निकाह किया और लंबे समय तक उसका यौन शोषण किया। आरोपी मूल रूप से पीलीभीत के न्यूरिया कस्बे का निवासी है।

क्या है डॉ रमीज मलिक पर आरोप?

जांच में सामने आया था कि रमीज ने आगरा की रहने वाली महिला चिकित्सक का धर्म परिवर्तन कर उससे निकाह किया था। लखनऊ के चौक थाना पुलिस की जांच में यह भी खुलासा हुआ था कि रमीज मलिक का निकाह पीलीभीत के सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित मोहल्ला फीलखाना निवासी काजी जाहिद हसन राना ने पढ़वाया था, जबकि शारिक नाम का युवक इस निकाह में गवाह बना था। वहीं, पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया था कि निकाह के समय न तो डॉक्टर और न ही महिला चिकित्सक पीलीभीत आए थे। केवल फर्जी निकाहनामा तैयार किया गया था।

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खुद को बचाने के लिए लाखों रुपए किया था खर्च

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी रमीज मलिक अपनी 18 दिनों की फरारी के दौरान कई डॉक्टरों के संपर्क में था। पुलिस जांच में ये भी आया है कि आरोपी ने लाखों रुपये का फंड इकट्ठा किया, जिसे वो खुद को बचाने और फरारी के दौरान खर्च कर रहा था। पुलिस उसके बैंक अकाउंट से हुए  ट्रांजैक्शन की भी जांच कर रही है। 

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Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 13 January 2026 at 15:12 IST