अपडेटेड 13 January 2026 at 13:43 IST

बूढ़े माता-पिता का नहीं रखा ख्याल तो कटेगी 10% सैलरी, इस राज्य की सरकार का बड़ा फैसला

Telangana: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने जल्द ऐसा कानून लाने की बात कही है, जिसके तहत अगर सरकारी कर्मचारी अपने माता-पिता को सताते हैं, उनका ध्यान नहीं रखते, तो उनके वेतन का 10% कटेगा और सीधा उनके माता-पिता के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा।

Follow : Google News Icon  
Telangana
माता-पिता को सताया तो कटेगी सैलरी | Image: META AI

Telangana news: तेलंगाना में बूढ़े माता-पिता को सताना अब बच्चों को भारी पड़ेगा। सरकार एक ऐसा कानून लाने जा रही है, जिसके तहत उन सरकारी कर्मचारियों की सैलरी से 10 प्रतिशत की कटौती होगी, जो अपने माता-पिता की देखभाल नहीं करते हैं। ये पैसा कर्मचारी के अकाउंट से कटेगा और सीधा उनके पेरेंट्स के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किया जाएगा।

माता-पिता के अकाउंट में ट्रांसफर होंगे पैसे

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने स्पष्ट किया कि जो सरकारी कर्मचारी अपने माता-पिता की देखभाल नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अगर किसी बुजुर्ग माता-पिता ने अपने सरकारी कर्मचारी बेटे या बेटी के खिलाफ शिकायत की तो कर्मचारी की सैलरी से 10 प्रतिशत हिस्सा काट लिया जाएगा। यह राशि सीधे माता-पिता के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी, जिससे वे अपना जीवन को सम्मान के साथ जी सकें।

डे केयर सेंटर भी बना रही सरकार

सीएम रेड्डी ने कहा कि जो लोग अपने माता-पिता की देखभाल नहीं कर रहे हैं, वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे। यह एक मानवीय कदम है ताकि हमारे बुजुर्ग गरिमापूर्ण जीवन जी सकें। उन्होंने बताया कि सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए 'प्रणाम' नाम से डे केयर सेंटर भी बनाने जा रही है।

इतना ही नहीं तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने 2026-2027 के बजट प्रस्तावों में नई स्वास्थ्य नीति भी पेश करने की घोषणा की है। CM ने कहा कि राज्य में सभी को बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसलिए अगले बजट में एक नई स्वास्थ्य नीति पेश करने का फैसला किया है।

Advertisement

उन्होंने ट्रांसजेंडरों के लिए बड़ी घोषणा की। सीएम ने कहा कि आगामी नगर निकाय चुनाव में हर नगर निगम में एक को-ऑप्शन सदस्य का पद ट्रांसजेंडर के लिए आरक्षित किया जाएगा।

सीएम ने कहा कि दिव्यांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण के लिए भी सरकार काम क रही है। उन्हें शिक्षा और रोजगार में विशेष कोटा दिया गया है। सरकार नवविवाहित दिव्यांग व्यक्तियों को 2 लाख रुपए देने का ऐलान पहले ही कर चुकी है। दिव्यांग व्यक्तियों को सभी क्षेत्रों में अवसर प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे वे इस प्रतिस्पर्धी दुनिया में पीछे न छूट जाएं।

Advertisement

यह भी पढ़ें: स्थानीय निकाय चुनावों से पहले परिवारिक मतभेद दूर होने पर क्या बोले उपमुख्यमंत्री अजित पवार?

Published By : Ruchi Mehra

पब्लिश्ड 13 January 2026 at 13:43 IST