अपडेटेड 13 January 2026 at 10:49 IST

'पवार परिवार और ठाकरे भाइयों के एक साथ आने से मुझे...,' स्थानीय निकाय चुनावों से पहले परिवारिक मतभेद दूर होने पर क्या बोले उपमुख्यमंत्री अजित पवार?

उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने स्थानीय निकाय चुनाव से पहले ठाकरे भाईयों के एक साथ आने और पवार परिवार के भी मतभेद खत्म होने के बारे में खुलकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि मैं इस फैसले को बहुत पॉजिटिव तरीके से देखता हूं।

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Uncle-Nephew To Reunite? 'You Will Get To Know...': Ajit Pawar Says; Gives Big Post-Election NCP Merger Hint
Deputy cm Ajit Pawar with Sharad Pawar | Image: ANI/File

मुंबई में स्थानीय निकाय चुनावों से पहले महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) अजित पवार ने फिर संकेत दिए हैं कि ठाकरे भाइयों की तरह पवार परिवार भी एक साथ आएंगे। उन्होंने यह भी कहा है कि वो इस मिलन को बहुत पॉजिटिव तरीके से देखते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अभी उनकी प्राथमिकता स्थानीय निकाय चुनाव हैं।

न्यूज एजेंसी ANI से बातचीच के दौरान उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव को लेकर खुलकर बातचीत की। उन्होंने कहा, “जब से मैं राजनीति में हूं, 1999 से हमने जितने भी चुनाव लड़े, उनमें हमारा कांग्रेस के साथ गठबंधन था। हम संसद में साथ काम कर रहे थे और साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे थे। हम अपने-अपने चुनाव चिन्हों पर चुनाव लड़ रहे थे। विधानसभा चुनावों में भी ऐसा ही होता था।”

लोकल बॉडी चुनावों में एक दूसरे खिलाफ लड़ते हैं-अजित पवार

अजित पवार ने बताया कि स्थानीय निकाय चुनाव हमेशा सब अलग-अलग ही लड़ते हैं। उन्होंने कहा, 'लोकल बॉडी चुनावों में, अपने-अपने पार्टी कार्यकर्ताओं की मदद और उन्हें ताकत देने के लिए, हम हमेशा एक-दूसरे के खिलाफ लड़ते थे। भाजपा और शिवसेना के साथ भी ऐसा ही हुआ। पिछले 2017 के चुनावों में मुंबई और ठाणे में, वे एक-दूसरे के खिलाफ लड़ रहे थे इसलिए यह सोचने की ज़रूरत नहीं है कि यहां कुछ बहुत अलग हो रहा है। "

पवार परिवार और ठाकरे भाइयों का साथ आना अच्छा है-अजित पवार 

राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों से पहले पवार परिवार और ठाकरे भाइयों के एक साथ आने के बारे में पूछे जाने पर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा, "मैं इसे बहुत पॉजिटिव तरीके से देखता हूं। यह अच्छी बात है। कार्यकर्ताओं की कोशिशों की वजह से ही पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में एक साथ चुनाव लड़ने की रणनीति तय हुई। कार्यकर्ताओं को पता था कि अगर वे एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे, तो वोट बंट जाएंगे। वे किसी भी कीमत पर ऐसा नहीं चाहते थे।"

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स्थानीय निकाय चुनाव मेरी प्राथमिकता-अजित पवार 

अजित पवार ने आगे कहा, "कार्यकर्ता चुनाव जीतना चाहते थे। दोनों पार्टियों के कुछ लोगों ने मिलकर इसका हल निकालने की कोशिश की। शुरू में कोई हल नहीं निकला, लेकिन फिर कुछ गलत बयान और खबरें फैल गईं, जिनमें कहा गया कि अजीत पवार कह रहे हैं कि सिर्फ घड़ी के निशान का इस्तेमाल करना चाहिए। मैंने ऐसा कभी नहीं कहा है।"

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Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 13 January 2026 at 10:49 IST