UP: कानपुर में स्कॉर्पियो के अंदर दो घंटे तक नाबालिग से गैंगरेप, खाकी वाले ने भी की शर्मनाक करतूत; आधी रात घर के बाहर फेंक हुए फरार
कानपुर में स्कॉर्पियो सवार पुलिसकर्मी ने दोस्त के साथ मिलकर 14 साल की छात्रा को किडनैप कर गैंगरेप किया।
- भारत
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गौरव त्रिवेदी की रिपोर्ट
कानपुर में स्कॉर्पियो सवार पुलिसकर्मी ने दोस्त के साथ मिलकर 14 साल की छात्रा को किडनैप कर गैंगरेप किया। दोनों करीब 2 घंटे तक कार के अंदर छात्रा से हैवानियत करते रहे। जब वह बेहोश हो गई, तो उसे उसके घर के सामने फेंक कर भाग गए। भाई ने देर रात ही डायल-112 पर सूचना दी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया। आरोप है कि पुलिसवाले के शामिल होने की वजह से मामले को टरकाया गया। मंगलवार को पीड़ित पुलिस अफसरों के पास पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने छात्रा का मेडिकल कराया है। मामला सचेंडी थाना क्षेत्र का है।
सचेंडी थाना क्षेत्र में रहने वाली पीडि़ता के भाई ने बताया कि उसकी बहन सोमवार रात करीब 10 बजे शौच के लिए बाहर निकली थी। इस दौरान स्कॉर्पियो सवार 2 लड़कों ने मुझे जबरन गाड़ी के अंदर खींच लिया। इनमें एक पुलिसवाला था। आरोपी सचेंडी में रेलवे ट्रैक के किनारे सुनसान जगह पर ले गए। दोनों ने स्कॉर्पियो के अंदर ही उसके साथ गैंगरेप किया। पीड़िता के भाई ने बताया- करीब 2 घंटे बाद दोनों युवक मेरी बहन को घर के बाहर बेहोशी की हालत में फेंककर भाग गए।
गैंगरेप के बाद घर के बाहर फेंककर फरार
भाई ने बताया- रात करीब 12 बजे मैंने देखा कि वह घर के बाहर बदहवास पड़ी थी। हम उसे अंदर लेकर गए और होश में लाए। इसके बाद उसने हमें घटना के बारे में बताया। इसके बाद मैंने तत्काल डायल-112 पर सूचना दी। तब पुलिस मौके पर पहुंची।
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पुलिस मुझे और बहन को भीमसेन चौकी पर ले गई। लेकिन, जब हमने बताया कि आरोपियों में एक पुलिस वाला है, तो हमें चौकी से भगा दिया गया। इसके बाद मंगलवार को हम लोग पुलिस अफसरों के पास पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने हमारी रिपोर्ट तो दर्ज की, लेकिन आरोपियों के नाम हटवा दिए। अज्ञात के खिलाफ गैंगरेप और अपहरण की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
DCP बोले- केस दर्ज कर लिया गया है
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इस मामले में डीसीपी वेस्ट दिनेश त्रिपाठी ने बताया- शिकायत के आधार पर 2 अज्ञात लोगों के खिलाफ गैंगरेप की रिपोर्ट दर्ज की गई है। जल्द ही आरोपियों की पहचान करके अरेस्ट किया जाएगा। इसके साथ ही आरोपियों का नाम भी एफआईआर में शामिल किए जाएंगे। पूरी पारदर्शिता से मामले की जांच की जा रही है।