अपडेटेड 6 January 2026 at 20:32 IST
Rohini Acharya: परिवार से नाता तोड़ने वाली लालू की बेटी ने क्यों थाम ली राइफल? किस पर साधा निशाना, कहा- नजर भी दुरुस्त और निशाना भी...
रोहिणी आचार्य एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सुर्खियों में हैं। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर साझा की गई उनकी एक तस्वीर ने न सिर्फ यूजर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि बिहार की सियासत में नए संकेतों को लेकर अटकलों का बाजार भी गर्म कर दिया है।
- भारत
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राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सुर्खियों में हैं। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर साझा की गई उनकी एक तस्वीर ने न सिर्फ यूजर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि बिहार की सियासत में नए संकेतों को लेकर अटकलों का बाजार भी गर्म कर दिया है।
तस्वीर में रोहिणी राइफल से निशाना साधती हुई नजर आ रही हैं। उन्होंने फोटो के साथ कैप्शन लिखा है – “सही गलत पहचानने की नजर भी दुरुस्त है और निशाना भी। यही एक लाइन अब सियासी गलियारों में अलग-अलग तरह से पढ़ी और समझी जा रही है। कुछ लोगों ने इशारों में तेजस्वी यादव का नाम भी जोड़ते हुए पूछा कि क्या यह पोस्ट उनके खिलाफ है या फिर परिवार के किसी और सदस्य को लेकर है। वहीं, कुछ यूजर्स ने इसे सिर्फ स्टाइलिश फोटोग्राफी और व्यक्तिगत शौक बताते हुए राजनीतिक अर्थ निकालने से इनकार किया।
राजनीति छोड़ने और परिवार से दूरी का ऐलान कर चुकी हैं रोहिणी
रोहिणी आचार्य का यह पोस्ट ऐसे समय में आया है, जब कुछ ही महीने पहले उन्होंने सार्वजनिक तौर पर राजनीति से दूरी और परिवार से नाता तोड़ने का ऐलान किया था। बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की हार के बाद उन्होंने एक्स पर लगातार कई भावनात्मक पोस्ट किए थे। उन्होंने लिखा था कि-
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कुछ लोगों ने उन्हें पार्टी और घर, दोनों से दूर रहने की सलाह दी है। वे परिवार और पार्टी से जुड़े सारे आरोप अपने ऊपर ले रही हैं। परिवार के कुछ सदस्यों द्वारा उन्हें अपमानित करने की बात भी उन्होंने इशारों में उठाई थी। इन पोस्टों के बाद रोहिणी ने राजनीति से सन्यास लेने, राजद से दूरी बनाने और परिवार से भी संबंध सीमित रखने का ऐलान किया था। उस समय भी उनके निर्णय को लेकर बिहार की राजनीति में काफी चर्चा हुई थी।
लालू परिवार में तनाव, नया संकेत?
लालू यादव के परिवार में मतभेद और टकराव की खबरें नई नहीं हैं। इससे पहले तेज प्रताप यादव भी कई बार सार्वजनिक रूप से परिवार और पार्टी से दूरी बनाते रहे हैं, यहां तक कि कई बार उन्होंने बगावती तेवर दिखाते हुए अपने बयान जारी किए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रोहिणी की नई पोस्ट को सिर्फ एक तस्वीर मानकर नजरअंदाज करना आसान नहीं है। एक तबका इसे उनकी वापसी या ‘अलग राजनीतिक पहचान’ बनाने की भूमिका के रूप में देख रहा है। तो दूसरा तबका इसे केवल पारिवारिक खींचतान और व्यक्तिगत नाराजगी की अभिव्यक्ति समझ रहा है।
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Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 6 January 2026 at 20:32 IST