LPG Crisis: कानपुर में मिडिल ईस्ट युद्ध का असर, गैस की किल्लत के चलते होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर

मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण प्रभावित गैस सप्लाई ने भारत में होटल और रेस्टोरेंट को संकट में डाल दिया है। कानपुर में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। जहां कमर्शियल सिलेंडर की कमी से कारोबार बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं, यहां तक की छोटे कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजना पड़ रहा है। कानपुर में गैस की किल्लत से लोग परेशान है। पढ़ें पूरी खबर

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Kanpur LPG Shortage: मिडल ईस्ट में जारी युद्ध का असर अब भारत के शहरों तक पहुंच चुका है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस आपूर्ति प्रभावित होने से कमर्शियल LPG सिलेंडर नहीं मिल रहे जिससे सिलेंडर संकट गहराता जा रहा है। कानपुर में भी इसका असर होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों पर पड़ रहा है। शहर के बड़े होटल भी पुराने स्टॉक पर निर्भर हैं, लेकिन नई सप्लाई न मिलने से स्थिति और बिगड़ती जा रही है।

गैस की कमी के चलते कामकाज ठप 

कानपुर के प्रमुख रेस्टोरेंटों में शुमार पंडित रेस्टोरेंट भी इस संकट का सामना कर रहा है। यहां रोजाना सैकड़ों ग्राहक आते हैं और 60-70 कर्मचारी काम करते हैं। लेकिन गैस की कमी से अब यहीं भी कामकाज ठप होने लगा है। रेस्टोरेंट संचालक विजय पंडित ने बताया कि मिडल ईस्ट युद्ध के कारण गैस सप्लाई चेन बाधित हुई है, जिससे कमर्शियल सिलेंडर बाजार में नहीं मिल रहे। उन्होंने कहा- 'अगर सरकार पहले से सूचना देती तो हम वैकल्पिक इंतजाम कर लेते।'

छोटे कर्मचारियों पर भी असर

गैस किल्लत के चलते कई कारीगरों और कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजना पड़ा है। एक कारीगर ने बताया कि, 'काम घट गया है, रोजी-रोटी पर संकट है।' कानपुर होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय पंडित के मुताबिक, अगर जल्द सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो कई होटल बंद हो सकते हैं।

इस संकट से कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि बिक्री लगभग आधी रह गई है। ग्राहकों को सीमित मेन्यू परोसना पड़ रहा है, जिससे प्रतिष्ठा पर भी असर पड़ रहा है। एसोसिएशन ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि ऑप्शनल ईंधन या सब्सिडी जैसी व्यवस्थाएं की जा सकें। यह समस्या सिर्फ कानपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में है। 

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Published By :
Nidhi Mudgill
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