अपडेटेड 13 March 2026 at 08:51 IST

LPG Crisis: घर की रसोई से लेकर रेस्टोरेंट तक गैस की किल्लत, जानें कहां-कहां हो रही दिक्कत? समझे पूरा मामला

देश में LPG संकट गहराता जा रहा है। रसोई से लेकर होटल-ऑफिस तक इसका असर देखने को मिल रहा है। क्योंकि मिडिल ईस्ट युद्ध के चलते सप्लाई रोकी गई है। 5 पॉइंट में जानें पूरा मामला

Follow : Google News Icon  
LPG Crisis
भारत में LPG संकट | Image: ANI/ AI

LPG Crisis India: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध ने दुनियाभर के वैश्विक तेल बाजार को हिलाकर रख दिया है। इस जंग ने तेल की कीमतों में भारी उछाल ला दिया और भारत में LPG संकट की वजह भी यहीं से जुड़ी हुई है। गैस आयात ठप हो गया है, जिससे घरेलू और व्यावसायिक दोनों क्षेत्र प्रभावित हैं। LPG की कमी से लाखों परिवार और कारोबारी परेशान हैं। जानें कहां-कहां लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और क्या कहा असर हो रहा है।

घरेलू रसोई में दिक्कत: मिडिल ईस्ट संकट के चलते LPG सप्लाई चेन बाधित हुई है। भारत का ज्यादातर गैस आयात इसी रास्ते से होता है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की रिपोर्ट्स बताती हैं कि 14 किलो के घरेलू सिलेंडर के दाम बढ़ गए हैं। वहीं, बुकिंग का समय 21 से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। जिससे भारत के बड़ी शहरों में भी एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें लगी हैं। लोग ऊंची कीमतों पर ब्लैक मार्केट से गैस खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। साथ ही कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिल रहे हैं।

होटल-रेस्टोरेंट कारोबार ठप: सरकार ने घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कमर्शियल LPG पर अस्थाई रोक लगा दी है। फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FHRAI) के मुताबिक, मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु में दर्जनों होटल बंद हो गए और खाने के दाम बढ़ दिए गए हैं। अयोध्या की 'श्रीराम रसोई' बंद हो गई है, हनुमानगढ़ी के लड्डू प्रसाद का उत्पादन भी रुकने की कगार पर। छोटे ढाबों से लेकर लग्जरी होटलों तक, खाने की कीमतों में 20-30 प्रतिशत का इजाफा देखने को मिल रहा है।

ऑफिस कैंटीन प्रभावित: कॉरपोरेट जगत भी संकट की चपेट में है, चेन्नई के ऑफिस में कैंटीन बंद होने से कर्मचारियों को 12-13 मार्च को घर से काम करने का ऑप्शन दिया गया। इंफोसिस ने पुणे, बेंगलुरु और चेन्नई में फूड कोर्ट बंद कर दिए।

Advertisement

इंडक्शन कुकटॉप की मांग बढ़ी: गैस की कमी से लोग दूसरे ऑप्शन भी तलाश रहे हैं। दिल्ली-NCR में इंडक्शन कुकटॉप की बिक्री भी बढ़ गई है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स जैसे ब्लिंकिट, जेप्टो और स्विगी इंस्टामार्ट पर ये प्रोडक्ट्स आउट ऑफ स्टॉक हैं। इलेक्ट्रिक कुकवेयर की डिमांड रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।

ऑटोमोबाइल सेक्टर में संकट: सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) ने पेट्रोलियम मंत्रालय को पत्र लिखा कि एलपीजी, पीएनजी की कमी से वाहन उत्पादन प्रभावित होगा। ढलाई, पेंटिंग जैसी प्रक्रियाएं गैस पर निर्भर हैं। टाटा मोटर्स और महिंद्रा जैसी कंपनियां सप्लाई चेन में रुकावट की शिकायत कर रही हैं। बताया जा रहा है अगर संकट लंबा खिंचा तो पेशानी और बढ़ सकती है।  

Advertisement

यह भी पढ़ें: पूर्वोत्तर में भारी बारिश की चेतावनी, इन राज्यों में बढ़ेगा पारा

Published By : Nidhi Mudgill

पब्लिश्ड 13 March 2026 at 08:51 IST