कानपुर की देन है अयोध्या राम मंदिर के शिखर पर शान से लहरा रहा स्वदेशी धर्म ध्वज, जानें कितना है वजन और किस कपड़े से हुआ तैयार?

कानपुर की ऑर्डनेंस पैराशूट फैक्ट्री (OPF) ने स्वदेशी तकनीक से अयोध्या राम मंदिर पर लगा 22x11 फीट का 'धर्म ध्वज' तैयार किया है। जो हल्का और कठोर मौसम में टिकाऊ। यह राम मंदिर की भव्यता को कानपुर की कुशलता से जोड़ता है।

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Kanpur contribution Indigenous Dharma Dhwaj hoisted on the top of Ayodhya Ram Temple
कानपुर की ऑर्डनेंस पैराशूट फैक्ट्री में बना अयोध्या राम मंदिर पर लगा 'धर्म ध्वज' | Image: ANI

प्रभु श्रीराम के जन्मस्थान पर बने भव्य राम मंदिर के शिखर पर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फहराए गए धर्म ध्वज की कहानी भी प्रेरणादायक है। यह ध्वज न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि कानपुर की ऑर्डनेंस पैराशूट फैक्ट्री (OPF) की स्वदेशी तकनीक और कुशलता का भी प्रमाण है।

यह ध्वज सामान्य झंडों से कहीं अलग है। 22 फीट लंबाई और 11 फीट चौड़ाई वाला यह ध्वज महज 2.5 किलोग्राम वजन का है। इसे प्रीमियम नायलॉन पैराशूट कपड़े से तैयार किया गया है, जो भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों के ब्रेक पैराशूट और पायलटों के इजेक्शन सिस्टम में इस्तेमाल होता है। इसकी मजबूती ऐसी है कि यह तेज धूप, मूसलाधार बारिश और तेज आंधियों में भी लंबे समय तक अटल रहेगा।  

ध्वज की खासियत

इस ध्वज का डिजाइन भारतीय संस्कृति को दर्शाता है। इसके बीचोबीच कोविदार वृक्ष का चित्रण किया गया है, जो भगवान राम और माता सीता के वनवास काल से जुड़ी स्मृति को जीवंत करता है और बीच में सुनहरा 'ॐ' अंकित है। समकोण वाले तिकोने ध्वज पर चमकते सूरज की तस्वीर भगवान श्री राम की प्रतिभा और वीरता का प्रतीक है। पवित्र भगवा ध्वज, राम राज्य के आदर्शों को प्रतिबिंबित करते हुए, गरिमा, एकता और सांस्कृतिक निरंतरता का संदेश देगा।

यह ध्वज राम मंदिर में पारंपरिक उत्तर भारतीय नगर स्थापत्य-कला के अनुरूप बने शिखर पर फहराया गया है, जबकि मंदिर के चारों ओर बना 800 मीटर का परकोटा दक्षिण भारतीय स्थापत्य-कला परंपरा में डिजाइन किया गया है, जो मंदिर की स्थापत्य कला विविधता को दर्शाते हैं। OPF की विशेषज्ञ टीम ने इसकी कल्पना से लेकर अंतिम सिलाई तक को पूर्ण श्रद्धा के साथ पूरा किया।  

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तकनीकी दक्षता और राष्ट्रभक्ति का उदाहरण

एशिया की इकलौती सरकारी इकाई OPF पैराशूट निर्माण में पूरी तरह आत्मनिर्भर है। रक्षा क्षेत्र के लिए ब्रेक पैराशूट से लेकर भारी माल गिराने वाले सिस्टम तक तैयार करने वाली इस फैक्ट्री ने पहली बार सांस्कृतिक महत्व का यह ध्वज बनाकर एक नया इतिहास रचा है। 18 नवंबर को फैक्ट्री के वरिष्ठ अधिकारी खूद अयोध्या गए और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को इसे सौंपा। फैक्ट्री ने वादा किया है कि अगर भविष्य में ध्वज बदलने की जरूरत पड़ी, तो नया ध्वज तत्काल उपलब्ध कराया जाएगा।

ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर एम.सी. बाला सुब्रमण्यम ने कहा, "श्रीराम लला के मंदिर पर हमारे कारखाने में बने धर्म ध्वज का फहराना हम सबके लिए गर्व का विषय है। यह हमारी तकनीकी दक्षता और राष्ट्रभक्ति का उदाहरण है। कानपुर की यह फैक्ट्री 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को रक्षा से कला-संस्कृति तक विस्तार दे रही है। जब करोड़ों भक्त अयोध्या में दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं, तब शिखर पर यह ध्वज हर हृदय में भक्ति और गौरव की लहर पैदा कर रहा है।" 

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Published By:
 Sagar Singh
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