अपडेटेड 20 January 2026 at 13:04 IST
शराब पी, संबंध बनाया और काट डाला...32 साल छोटी गर्लफ्रेंड की लिव इन पार्टनर ने की हत्या; रोज एक अंग जलाता था; बोला- उसने धोखा दिया, मैंने सजा
सेवानिवृत्त रेलकर्मी ने हैवानियत की हद पार करते हुए उसने साथ लिव-इन में रह रही उम्र में 32 वर्ष छोटी प्रेमिका की हत्या कर दी। इसके बाद 10 दिन तक कमरे में शव को रखे रहा और टुकड़े-टुकड़े कर चूल्हे में जलाता रहा।
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Jhansi News: सेवानिवृत्त रेलकर्मी ने हैवानियत की हद पार करते हुए उसने साथ लिव-इन में रह रही उम्र में 32 वर्ष छोटी प्रेमिका की हत्या कर दी। इसके बाद 10 दिन तक कमरे में शव को रखे रहा और टुकड़े-टुकड़े कर चूल्हे में जलाता रहा। पहले से दो शादियां कर चुका आरोपित शनिवार रात प्रेमिका के शव के जले टुकड़े, हड्डियां आदि को नीले बक्से में रखकर अपने दूसरी पत्नी के बेटे के सहयोग से ठिकाने लगाने निकला। जिस ऑटो में बक्से को रखा, उसके चालक ने पुलिस को फोन कर दिया।
बक्से से निकलते पानी और बदबू के चलते उसे मामला संदिग्ध लगा था। पुलिस ने रविवार शाम आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आ रहा है कि प्रेमिका लगातार ब्लैकमेल कर रुपयों की मांग कर रही थी। मामला यूपी के झांसी का है। जानकारी के मुताबिक रामसिंह की जिंदगी रिश्तों के मकड़जाल में उलझी थी। उसने पहली पत्नी को छोड़कर दूसरी शादी की, फिर उसे भी छोड़कर प्रीति के साथ लिव-इन में रहने लगा। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि प्रीति और रामसिंह के बीच किसी तीसरे व्यक्ति के आने और रुपयों की लगातार मांग से रामसिंह परेशान था। इसी रंजिश में उसने प्रीति को रास्ते से हटाने के लिए किराए का कमरा लेकर हत्या की पूरी प्लानिंग की।
विस्तार से जानिए पूरा मामला
आरोपी राम सिंह परिहार नंदनपुरा का रहने वाला है। 2022 में वह रेलवे में MCM सीनियर टेक्नीशियन के पद से रिटायर हुआ था। उसने पुलिस को बताया-40 साल पहले उसकी शादी गीता परिहार से हुई थी। एक बेटा शैलेंद्र और दो बेटियां हैं। तीनों की शादी हो चुकी है। शादी के 15 साल बाद गीता रायकवार से मुलाकात हुई थी। हम दोनों की दोस्ती हो गई और ये दोस्ती प्यार में बदल गई। बाद में हम लोगों ने शादी कर ली।
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गीता की पहली शादी उरई के नरछा निवासी उदल रायकवार से हुई थी। अनबन होने के बाद गीता ने उदल को छोड़ दिया। उसकी पहली शादी से एक बेटा मनीष है। राम सिंह ने बताया कि गीता से शादी के बाद पहली पत्नी से अलग हो गया। हम दोनों फूटा चौपड़ा मोहल्ले में रहने लगे। दोनों को 20 साल पहले एक बेटा नितिन हुआ। सब कुछ ठीक चल रहा था।
फिर हुआ प्रीति से अफेयर
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राम सिंह ने बताया कि मैं एक रेलवे अधिकारी के बंगले पर खाना बनाता था। वहां प्रीति बर्तन धोने आती थी। 10 साल पहले प्रीति से दोस्ती हुई और हम दोनों में प्यार हो गया। प्रीति भी शादीशुदा है। उसकी दो बेटियां और एक बेटा है। प्रीति मुझसे 32 साल छोटी थी। हम दोनों ने एक मंदिर में शादी कर ली थी। रिटायरमेंट के बाद उसी के साथ रह रहा था। मैं प्रीति को बहुत प्यार करता था, लेकिन वह पैसों की लालची थी। वह मुझसे लाखों रुपए ले चुकी थी और अब 43 हजार रुपए पेंशन आती थी। पूरी पेंशन प्रीति ही ले लेती थी।
प्रीति का ब्यूटी पार्लर के मालिक से था अवैध संबंध
प्रीति का एक ब्यूटी पार्लर के मालिक फौजी से अफेयर था। इसके बारे में राम सिंह को पता चल गया था। वह प्रीति को लेकर उज्जैन चला गया था। प्रीति अपने साथ बच्चों को भी ले गई थी। सभी किराए के मकान में रहने लगे, मगर विवाद होने पर प्रीति अकेली ही झांसी आ गई थी। बाद में राम सिंह भी आ गया था। यहां आने के बाद प्रीति अपने नए प्रेमी पार्लर मालिक से मिलने लगी थी। राम सिंह को बहुत बुरा लगा। प्रीति 3 लाख रुपए मांगने लगी तो मर्डर प्लान किया।
पहले पी शराब, नशे में बनाया संबंध फिर...
आरोपी ने पहले सीपरी बाजार में एक कमरा किराए पर लिया और वहां प्रीति के साथ शराब पी। नशे में होने पर उसने प्रीति के साथ संबंध बनाए और फिर उसकी हत्या कर दी। शव को कंबल व तिरपाल में लपेटकर एक नीले बक्से में रख दिया। राम सिंह ने कहा कि नशा टूटने के बाद मैं दो दिनों तक लाश के पास बैठा रहा। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या हो गया? प्रीति से मैं बहुत प्यार करता था। उसे ठंड नहीं लगे, इसके लिए उसे कंबल ओढ़ाया। बाद में शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। लोहे के संदूक में उसके अंगों को जलाने लगा। एक सप्ताह में सभी अंग जल गए। इसके बाद जले अंगों को ठिकाने लगाने की तैयारी की। उसने कहा कि प्रीति मेरी पत्नी थी। इसलिए उसकी मौत के बाद सिर मुंडवाया।
दो क्विंटल लकड़ियां खरीदी, शव के अंगों को जलाया
प्रीति के शव को ठिकाने लगाने के लिए राम सिंह ने बड़ा प्लान किया। उसने दूसरी पत्नी गीता रायकवार और बेटे नितिन से लोहे का बड़ा बक्सा और दो क्विंटल लकड़ियां मंगवाईं। 16 जनवरी की रात को घर के अंदर ही बक्से में लकड़ियां और लाश रखकर आग लगा दी।
हत्या का कोई अफसोस नहीं, बोला- मैं खुश हूं
हत्याकांड के बाद रिटायर्ड रेलकर्मी राम सिंह के चेहरे पर कोई शिकन तक नहीं है। मीडया से बात करते हुए उसने कहा, "मैं गर्लफ्रेंड प्रीति की हत्या कर लाश जलाकर बहुत खुश हूं। मुझे कोई पछतावा भी नहीं है। मैंने जो किया, वो ठीक किया। क्योंकि हम दोनों 10 साल से रिलेशन में थे। शादी भी कर चुके थे। वो लाखों रुपए ले चुकी थी और पूरी पेंशन भी लेती थी। मगर पीठ पीछे मुझे धोखा देकर प्रीति ब्यूटी पार्लर के मालिक से इश्क लड़ाती थी।
मना करने पर रेप केस में फंसाने की धमकी देती थी। अब वो 3 लाख रुपए मांग रही थी, मैं दो लाख देने को तैयार था और पैसों की व्यवस्था भी कर ली थी, मगर वो 3 लाख पर अड़ गई। तब मैंने हत्या कर उसकी लाश जला दी। फिर मुंडन कराया। अस्थियां बोरी में भरकर प्रयागराज ले जाना था। वहां गंगाजी में अस्थियां प्रवाहित करके पाप धोना चाहता था। फिर सुसाइड कर लेता।"
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 20 January 2026 at 13:04 IST