UP: बदायूं में 5 साल की बच्ची ने स्कूल में निगल लिया ब्रेसलेट का मोती, तड़प-तड़प कर निकल गई जान; मां का रो-रोकर बुरा हाल

बदायूं में 5 साल की बच्ची ने खेल-खेल में ब्रेसलेट का मोती मुंह में डाला, जो उसकी सांस की नली में फंस गया। बच्ची तड़पने लगी, गला पकड़ लिया। बच्ची को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

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Infant dies a painful death in budaun after pearl gets stuck in his throat while playing
5 साल की बच्ची ने निगल लिया ब्रेसलेट का मोती, मौत | Image: AI Generated Images

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से एक दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जो छोटे बच्चों की सुरक्षा के प्रति हमें सतर्क करती है। जनपद के एक प्राइवेट स्कूल में छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। स्कूल प्रशासन के अनुसार बच्ची की मौत उसके हाथ में पहने ब्रेसलेट का मोती खाने से हुई है। बच्ची के परिजन स्कूल पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं।

पूरा मामला ककराला कस्बे के एक पब्लिक स्कूल का है, जहां 5 साल की बच्ची तापसी ने खेल-खेल में ब्रेसलेट का एक मोती निगल गई। दुर्भाग्य से यह मोती उसकी सांस की नली में फंस गया, जिससे उसकी सांस रुक गई और कुछ ही देर में दम तोड़ दिया।

मां-बाप की इकलौती बेटी थी तापसी

तापसी उघैनी गांव की रहने वाले टेकचंद की इकलौती बेटी थी। पिता के अनुसार, सुबह बच्ची पूरी तरह स्वस्थ थी। उसने दो पराठे खाए, लंच बॉक्स साथ लिया और खुशी-खुशी स्कूल के लिए निकली। न कोई बुखार था, न कोई बीमारी। लेकिन स्कूल प्रशासन का कहना है कि बच्ची ने अपने हाथ में पहने मोती वाले ब्रेसलेट का एक मोती मुंह में डाला, जो उसके गले में फंस गया। क्लास टीचर ने तुरंत सूचना दी और प्रिंसिपल भूराज सिंह ने खुद परिजनों को फोन किया।

जिला अस्पताल पहुंचने से पहले मौत

बच्ची को नाक-कान-गले के विशेषज्ञ के पास ले जाया गया। डॉक्टर ने गंभीर स्थिति को देखते हुए सर्जन डॉक्टर के पास रेफर किया, लेकिन वहां भी डॉक्टरों ने जिला अस्पताल जाने की सलाह दी। दुर्भाग्य से जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही बच्ची ने दम तोड़ दिया और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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पिता टेकचंद ने स्कूल पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अगर स्कूल स्टाफ ने तुरंत और बेहतर ध्यान दिया होता तो शायद बच्ची बच सकती थी। वहीं स्कूल प्रिंसिपल ने कहा कि यह एक आकस्मिक दुर्घटना थी। बच्ची स्कूल में 5-6 घंटे रहती है, इसलिए वह हमारी भी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि स्कूल के कमरे में लगे सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंप दिए गए हैं ताकि पूरी घटना स्पष्ट हो सके।

अपने बच्चों को रखें सुरक्षित

यह घटना हमें याद दिलाती है कि छोटे बच्चों के लिए मोती, बीड्स, छोटे खिलौने, सिक्के या कोई भी छोटी वस्तु बेहद खतरनाक हो सकती है। 5 साल से कम उम्र के बच्चों में ऐसी चीजें निगलने या सांस की नली में फंसने से हर साल कई मौतें होती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि

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  • स्कूल जाते समय या खेलते समय बच्चों को मोती, मणके वाले ब्रेसलेट, नेकलेस या छोटे-छोटे आभूषण न पहनाएं।
  • घर में भी छोटी चीजों को बच्चों की पहुंच से दूर रखें।
  • बच्चों को खिलौने देते समय यह जांच लें कि वे 3 साल से कम उम्र के लिए सुरक्षित हैं या नहीं।
  • अगर बच्चा कुछ निगल ले तो तुरंत अस्पताल जाएं, खुद उंगली डालकर निकालने की कोशिश न करें।

बच्चों में मासूमियत और जिज्ञासा होती है, लेकिन उनकी सुरक्षा हमारी पहली जिम्मेदारी है। ऐसी छोटी-छोटी लापरवाही बड़े दर्द का कारण बन सकती है।

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Published By:
 Sagar Singh
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