महाशिवरात्रि के दिन काशी विश्वनाथ धाम में उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब, अगले तीन दिनों तक VIP एंट्री बैन
Kashi Vishwanath Mandir: वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि के मौके पर आस्था के सैलाब को देखते हुए आज से वीआईपी दर्शन पर रोक लगा दी गई है।
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Kashi Vishwanath Mandir: वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि के मौके पर आस्था के सैलाब को देखते हुए आज से वीआईपी दर्शन पर रोक लगा दी गई है। अब अगले तीन दिनों तक वीआईपी दर्शन पर प्रतिबंध रहेगा।
काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा का कहना है कि महाकुंभ में पवित्र स्नान के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं संख्या में अधिक बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा मंदिर में दर्शनार्थियों के हुजूम उमड़ने का एक कारण यह भी है कि इस बार 26 फरवरी की महाशिवरात्रि है। इसे देखते हुए आज से 27 फरवरी तक मंदिर में वीआईपी दर्शन पर रोक रहेगी।
कब तक वीआईपी दर्शन पर रोक?
विश्व भूषण मिश्रा ने यह भी बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि के मौके पर बड़ी संख्या में अलग-अलग अखाड़ों के साधु, संत और नागा साधु दर्शन-पूजन करेंगे। साथ ही नागा अखाड़ों की ओर से शोभा यात्रा निकाली जाएगी। इसकी वजह से मंदिर का गेट नंबर 4 पर एंट्री बाधित रहेगी। बढ़ती गर्मी और उमस की वजह से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए मुश्किलें पैदा हो सकती हैं। इनकी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 25 से 27 फरवरी तक वीआईपी दर्शन की व्यवस्था पर रोक लगाने का फैसला लिया गया है।
अखाड़ों-नागा साधुओं के लिए समय निर्धारित
उन्होंने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस बार काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद है। साल 2024 में लगभग 12 लाख श्रद्धालु मंदिर में दर्शन-पूजन करने पहुंचे थे। मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने कहा कि इस बार संभावित 12 लाख से अधिक भक्तों के बाबा के दरबार में आने की संभावना है। इसके मद्देनजर चारों गेटों में कतारों की संख्या बढ़ाई गई है। इसके अलावा साधु-संतों और नागा साधुओं के लिए पूजन के लिए समय भी निर्धारित किया गया है।
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श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम
मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा के अनुसार, जनता के लिए दर्शन-पूजन के व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। काशी विश्वनाथ धाम परिसर को जोन और सेक्टर में बांट कर पुलिस बल तैनात किए गए हैं। गोदौलिया से मैदागिन चौराहे तक नो व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है। दशाश्वमेध घाट तक अवरोधक को मजबूत करने की तैयारी है। इसके अलावा जगह-जगह पीने के लिए पानी, ग्लूकोज, आराम करने के लिए शेड , ORS , मेडिकल सुविधा, एम्बुलेंस समेत तमाम तरह का प्रबंध किया गया है।
यातायात व्यवस्था संभालने के लिए ये प्लानिंग
इस दौरान यातायात का अत्यधिक दबाव रहने की संभावना है। ऐसे में यातायात व्यवस्था को लेकर 8 इंस्पेक्टर, 24 सब-इस्पेक्टर, 164 हेड कॉन्स्टेबल और 300 से ज्यादा होमगार्ड के जवानों को तैनात करने की योजना है।