'संभल में हिंदुओं का साथ अन्याय हुआ, डेमोग्राफी बदलने की साजिश हुई', न्यायिक आयोग की रिपोर्ट पर CM योगी का बड़ा बयान
3 सदस्यीय न्यायिक आयोग की रिपोर्ट के अनुसार आजादी से समय 1947 में संभल नगर पालिका क्षेत्र में हिंदू आबादी 45% थी, जबकि मुस्लिम आबादी 55% थी। वर्तमान में हिंदू आबादी घटकर 15-20% रह गई है और मुस्लिम आबादी 80-85% तक पहुंच गई है।
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UP News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को प्रतापगढ़ में 570 करोड़ रुपये की अलग-अलग विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस मौके पर सीएम ने 24 नवंबर, 2024 संभल में हुई हिंसा पर आई 3 सदस्यीय न्यायिक आयोग की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए पूर्व की कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की सरकारों पर जमकर निशाना साधा।
संभल हिंसा पर 3 सदस्यीय न्यायिक आयोग ने गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 450 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है। आयोग की इस रिपोर्ट में कई गंभीर और चौंकाने वाली बात सामने आई है। जिनमें विदेशी हथियारों के इस्तेमाल और संभल की डेमोग्राफी में भारी बदलाव जैसे मुद्दे शामिल हैं।
'संभल में हिंदुओं का साथ हुआ अन्याय'
सीएम योगी ने प्रतापगढ़ में संभल हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि "2024 का संभल दंगा एक साजिश थी। न्यायिक आयोग की रिपोर्ट बताया गया कि कैसे समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के समय में चुन-चुन कर हिंदुओं को निशाना बनाया जाता था। उन पर अत्याचार होते थे, कैसे दंगे करवाकर क्षेत्रों को हिंदू विहीन कर दिया जाता था, लेकिन आज की डबल इंजन सरकार डेमोग्राफी को भी नहीं बदलने देगी और जो भी डेमोग्राफी बदलने का दुस्साहस करेगा, उसे खुद पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।"
संभल की डेमोग्राफी में बदलाव
3 सदस्यीय न्यायिक आयोग की रिपोर्ट के अनुसार आजादी से समय 1947 में संभल नगर पालिका क्षेत्र में हिंदू आबादी 45% थी, जबकि मुस्लिम आबादी 55% थी। वर्तमान में हिंदू आबादी घटकर 15-20% रह गई है और मुस्लिम आबादी 80-85% तक पहुंच गई है। आयोग ने इस बदलाव के लिए तुष्टिकरण की राजनीति, योजनाबद्ध दंगों और डर के माहौल को जिम्मेदार ठहराया है।
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हर दंगे में हिंदू मारे गए
रिपोर्ट में 1947 से 2019 तक संभल में हुए 15 बड़े दंगों का दस्तावेजी विवरण शामिल है। इन दंगों में हिंदू समुदाय को सबसे अधिक नुकसान हुआ। संभल में आजादी के बाद 1947, 1948, 1953, 1958, 1962, 1976, 1978, 1980, 1990, 1992, 1995, 2001 और 2019 में हुए दंगों में हिंदू मारे गए। पठान और तुर्क के आपसी संघर्षों में हमेशा से संभल जलता रहा, लेकिन हर दंगे में सिर्फ हिंदू मारे जा रहे हैं। इस बार भी हिन्दुओं को मारे जाने की प्लानिंग थी। दंगा करने के लिए बलवाइयों को बाहर से बुलाया गया था। लेकिन हिंदू मोहल्लों में पुलिस की मौजूदगी के कारण इस बार हिंदू बच गए।