Hathras Stampede: कैसे मची थी भगदड़, भोले बाबा कहां फरार? आईजी शलभ माथुर की जुबानी पूरी कहानी

Hathras Stampede: आईजी शलभ माथुर ने हाथरस भगदड़ की पूरी कहानी बताई है।

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Hathras Stampede, Baba Narayan Sakar Hari private army
हाथरस वाले बाबा नारायण साकार हरि | Image: Video Grab

Hathras Stampede: हाथरस भगदड़ मामले में आईजी शलभ माथुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। इस दौरान उन्होंने हाथरस भगदड़ की पूरी कहानी बताई।

इसके अलावा आईजी शलभ माथुर ने ये भी कहा कि अभी दो महिलाएं और चार पुरुष इसमें गिरफ्तार हुए हैं, जो सेवादार हैं। भगदड़ की स्थिति में आयोजनकर्ता मौके से भाग गए।

हाथरस मामले की कहानी, IG की जुबानी

प्रेस ब्रीफिंग ने आईजी शलभ माथुर ने कहा- 'रामनरेते, उपेंद्र सिंह यादव, मेघ सिंह, मंजू यादव, मुकेश कुमार, मंजू देवी की गिरफ्तारी की गई है। इन्होंने पूछताछ में बताया कि ये आयोजन समिति के सदस्य हैं। उस दिन बाबा की चरण रज के लिए भीड़ गाड़ी के आसपास आई। सेवादारों ने भीड़ को रोका। जैसे ही काफिला आगे निकला तो सेवादारों ने भीड़ को चरण रज लेने के लिए अनियंत्रित छोड़ दिया। उसके बाद महिलाएं और बच्चे एक-दूसरे के ऊपर गिर गए, घटना के बाद ये लोग (सेवादार) मौके से फरार हो गए। इन्होंने पुलिस और प्रशासन व्यवस्था को कोई सहयोग नहीं किया। वहां पर ये हर व्यक्ति को वीडियो बनाने से रोकते थे। इनके द्वारा खुद ही भीड़ नियंत्रण का प्रयास किया जाता है। किसी प्रकार की पुलिस-प्रशासन व्यवस्था को ये वहां पर मंजूर नहीं करते हैं,  इनके अपने रिजर्वेशन हैं।'

हाथरस भगदड़: भयावह चूक

- आयोजकों ने पुलिस को सूचित किया कि कार्यक्रम में लगभग 80,000 उपस्थित होने की उम्मीद थी, लेकिन कार्यक्रम के दिन 200,000 से अधिक लोग उपस्थित हुए।

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- 250,000 लोगों की भीड़ के लिए केवल एक एंट्री और एग्जिट पॉइंट था। इसके अलावा कोई आपातकालीन रास्ता नहीं था।

- मौके पर कोई मेडिकल टीम मौजूद नहीं थी और कोई एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं थी।

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- बड़ी भीड़ के लिए पंखे या कूलर जैसी कोई व्यवस्था नहीं थी।

- भीड़ प्रबंधन में सहायता करने वाले स्वयंसेवक अनुपस्थित थे।

- तैनात सुरक्षा बल भीड़ के मुताबिक कम था।

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Published By:
 Kunal Verma
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