अपडेटेड 19 January 2026 at 21:46 IST

इंजीनियर युवराज की मौत के बाद हरकत में ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी, इन हाई-रिस्क स्पॉट को किया चिन्हित, लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस की चेतावनी

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में घने कोहरे के कारण सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार निर्माणाधीन मॉल के 20-40 फीट गहरे पानी भरे बेसमेंट गड्ढे में गिर गई, जिससे उनकी दर्दनाक मौत हो गई। लापरवाही के आरोपों के बीच ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने तुरंत ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए हैं। इन पर बैरिकेड, रिफ्लेक्टिव टेप, रेड लाइट और बालू बोरी लगाकर सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

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Greater Noida Authority swings into action after engineer Yuvraj death identifies 10 high-risk spots
सेक्टर-150 हादसे से सबक, GNIDA ने 10 खतरनाक जगहों पर लगाए बैरिकेड, रेड लाइट | Image: Republic

नोएडा सेक्टर 150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। सेक्टर-150 में एक निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट के लिए खोदे गए करीब 20 फीट गहरे पानी से भरे गड्ढे में कार गिरने से युवराज की मौत हो गई थी। जिसने स्थानीय प्रशासन की लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए।

इस हादसे से सबक लेते हुए ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के GM एके सिंह ने बताया कि अथॉरिटी ने दुर्घटना की संभावना वाली खतरनाक जगहों की पहचान शुरू कर दी है। इसके लिए विशेष टीम गठित की गई है और पूरा स्टाफ फील्ड में उतार दिया गया है। उन्होंने कहा, "नोएडा में इंजीनियर की डूबने से हुई मौत का हमें गहरा दुख है। बिल्डर द्वारा खोदे गए बेसमेंट में पानी भर जाने के कारण यह हादसा हुआ।"

ग्रेटर नोएडा के ब्लैक स्पॉट्स

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने पहले चरण में 9 प्रमुख स्थानों को दुर्घटना संभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया है।

  • टेक जोन
  • 130 मीटर चौड़ी सड़क
  • गौर सिटी
  • सिग्मा-1, 2, 4
  • ओमेगा-1
  • अल्फा-1 और 2
  • जेपी ग्रीन्स
  • पाई-1 और 2
  • डेल्टा क्षेत्र

इसके अलावा 4-5 बिल्डरों को भी चिन्हित किया गया है, जहां वर्तमान में बेसमेंट खुदाई का काम चल रहा है। गौर सिटी पर विशेष नजर रखी जा रही है, क्योंकि वहां अंडरपास निर्माणाधीन है।

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सुरक्षा उपाय तुरंत लागू

इन सभी स्थानों पर तत्काल सुरक्षा व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। किसी भी हादसे से बचने के लिए बैरिकेडिंग और डायवर्जन लगाए गए हैं। बालू की बोरियां लगाना, टर्निंग पॉइंट्स पर रिफ्लेक्टिव टेप, अंडरपास क्षेत्रों में रेड लाइट, टूटे नाले की दीवारों की मरम्मत और खुले छोटे नालों को कवर किया जा रहा है।

अथॉरिटी ने साफ कहा है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए क्षेत्रीय एसएम और मैनेजर जिम्मेदार होंगे। जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी, ताकि कोई भी पॉइंट जानलेवा न बने। चिन्हित स्थानों की संख्या आगे और बढ़ेगी। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने लोगों से भी अनुरोध किया है कि घने कोहरा या बारिश में केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से निकलें। 

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 19 January 2026 at 21:46 IST