राम मंदिर के CEO की वेकेंसी निकलते ही ताबड़तोड़ आने लगे आवेदन, पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने भी किया अप्‍लाई; जानिए कब है इंटरव्‍यू

अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा इस्तीफा दे चुके हैं। अब ट्रस्ट ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी CEO की नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे हैं।

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Ex-IPS Officer Amitabh Thakur Enters Race For Ram Mandir CEO Post know when interview will happen
राम मंदिर के CEO की वेकेंसी निकलते ही ताबड़तोड़ आने लगे आवेदन, पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने भी किया अप्‍लाई; जानिए कब है इंटरव्‍यू | Image: X

अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा इस्तीफा दे चुके हैं। अब ट्रस्ट ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी CEO की नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे हैं। इस आवेदन के बाद से लोगों में राम मंदिर ट्रस्‍ट का सीईओ बनने की होड़ लग गई है। देश भर से अबतक 1000 से ज्यादा लोगों ने आवेदन किया है। आवेदकों की लिस्ट में रिटायर्ड नौकरशाहों की संख्या सबसे ज्यादा है।

आवेदन करने वालों में एक नाम चौंकाने वाला है और वो है पूर्व आईपीएस अधिकारी (जबरिया रिटायर) अमिताभ ठाकुर का। उनके इस अचानक उठाए कदम ने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है। आवेदन में अमिताभ ठाकुर ने खुद को हिन्दू सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से संबद्ध बताते हुए भारतीय धार्मिक एवं दार्शनिक परम्पराओं तथा भगवान श्रीराम के मर्यादा, न्याय, कर्तव्यनिष्ठा और लोककल्याण के आदर्शों के प्रति अतीव सम्मान होने की बात कही है। उन्होंने अपने प्रशासनिक अनुभव, योग्यता और पारदर्शिता के क्षेत्र में कार्यों के आधार पर उनकी अभ्यर्थिता पर विचार करते हुए चयन प्रक्रिया में सम्मिलित किये जाने का अनुरोध किया है।

बता दें कि चढ़ावा चोरी मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट कामों को पारदर्शी बनाने और काम को व्यवस्थित करने में जुटा है। इसके लिए ट्रस्ट ने एक बैठक में फैसला किया कि किसी सेवानिवृत्त अधिकारी को सीईओ नियुक्त किया जाएगा। ट्रस्ट से सोमवार को अपने अधिकृत सोशल मीडिया एक्स के अकाउंट पर आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदकों के साक्षात्कार 18 जुलाई को शाम 4 बजे होंगे।

आवेदन में कही प्रशासनिक अनुभव होने की बात

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आवेदन में अमिताभ ठाकुर ने खुद को हिन्दू सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से संबद्ध बताते हुए भारतीय धार्मिक एवं दार्शनिक परम्पराओं तथा भगवान श्रीराम के मर्यादा, न्याय, कर्तव्यनिष्ठा और लोककल्याण के आदर्शों के प्रति अतीव सम्मान होने की बात कही है।

क्या है CEO बनने की पात्रता?

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बीते सोमवार को समिति ने पात्रता मानदंड तय किए। इसमें आवेदक की उम्र 50 से 70 साल के बीच होनी चाहिए, कम से कम 20 साल का प्रशासनिक अनुभव होना चाहिए और अयोध्या में रहने के लिए तैयार होना चाहिए। पात्रता की एक प्रमुख शर्त में कहा गया है कि आवेदक भगवान राम के प्रति श्रद्धा रखने वाला एक अभ्यासशील हिंदू होना चाहिए और उसे हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में कुशल होना चाहिए।

चयन समिति के एक सदस्य ने बताया, “मानदंड में किसी बड़े सार्वजनिक संगठन, संस्थान या विभाग को 20 सालों तक संभालने का अनुभव शामिल है और यह भी निर्दिष्ट है कि सामान्य प्रशासन, वित्त, जनसंपर्क, कानून में बहुस्तरीय अनुभव और कौशल रखने वाले सेवानिवृत्त अधिकारी भी आवेदन कर सकते हैं। अब तक देश के विभिन्न हिस्सों से वरिष्ठ प्रबंधकीय स्तर के आवेदकों के आवेदन आए हैं। इनमें सैन्य सेवा अधिकारी भी शामिल हैं।”

सूत्रों ने बताया कि इस पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। उम्मीदवारों की वरिष्ठता को ध्यान में रखते हुए जरूरत पड़ने पर पैनल ऑनलाइन इंटरव्यू भी आयोजित करेगा, लेकिन आखिरी फैसला 19 जुलाई की बैठक के बाद लिया जाएगा। ट्रस्ट की बैठक 22 जुलाई को भी तय है।

कौन हैं अमिताभ ठाकुर?

अमिताभ ठाकुर उत्तर प्रदेश कैडर के 1992 बैच के एक पूर्व भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं। वह प्रशासनिक सेवाओं में अपनी बेबाक, मुखर छवि और कई बड़े विवादों के कारण पूरे देश में चर्चा में रहे हैं। अमिताभ ठाकुर का नाता विवादों से बहुत गहरा रहा है। वह अपनी ही सरकार और बड़े-बड़े राजनेताओं के खिलाफ सीधे मोर्चा खोलने के लिए जाने जाते थे।

साल 2015 में उन्होंने समाजवादी पार्टी के तत्कालीन संरक्षक मुलायम सिंह यादव पर फोन पर धमकी देने का आरोप लगाया था और उसका ऑडियो सार्वजनिक कर दिया था, जिसके बाद काफी सियासी बवाल हुआ था। मार्च 2021 में केंद्रीय गृह मंत्रालय की स्क्रीनिंग के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें सरकारी सेवा के लिए "अनुपयुक्त" पाते हुए समय से पहले ही अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी थी। इसके बाद वह खुद को मजाकिया लहजे में 'जबरिया रिटायर' IPS भी कहते हैं।

पुलिस सेवा से हटने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति और सामाजिक जीवन में कदम रखा। उन्होंने 'आजाद अधिकार सेना' नाम से एक राजनीतिक दल का गठन किया है और वर्तमान में इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर भी एक जानी-मानी सामाजिक और आरटीआई (RTI) कार्यकर्ता हैं।

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Published By:
 Ankur Shrivastava
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