PoK में पाकिस्‍तानी सेना ने मचाया नरसंहार, शहबाज-मुनीर के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर फायरिंग में 9 की मौत, प्रदर्शनकारियों का आज ‘लॉन्ग मार्च’ का ऐलान

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। रावलाकोट में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों द्वारा नागरिकों के खिलाफ चलाए गए अभियान के बाद शहर के न्यू बस टर्मिनल के पास झड़पें शुरू हो गईं।

many people killed in firing pakistan army clash in pok protest against shahbaz sharif govt
PoK में पाकिस्‍तानी सेना ने मचाया नरसंहार, शहबाज-मुनीर के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर फायरिंग में 9 की मौत, प्रदर्शनकारियों का आज ‘लॉन्ग मार्च’ का ऐलान | Image: X

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। रावलाकोट में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों द्वारा नागरिकों के खिलाफ चलाए गए अभियान के बाद शहर के न्यू बस टर्मिनल के पास झड़पें शुरू हो गईं। इस दौरान पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की फायरिंग में 9 नागरिकों की मौत हो गई। मारे गए लोगों में जाहिद मुगल, जफर मुगल, अर्सलान अकबर और वाजिद हयात शामिल थे। वाजिद हयात की मौत रावलकोट के मटियाल मीरा बस टर्मिनल पर हुई। इस ताजा हिंसा ने इलाके में तनाव और बढ़ा दिया है, जहां इस्लामाबाद के खिलाफ नाराजगी लगातार बढ़ रही है।

खूनखराबे से एक दिन पहले अमेरिका में रह रहे पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर के लोगों ने वॉशिंगटन डीसी स्थित व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उनकी जन्मभूमि में लोग गंभीर मानवीय संकट से जूझ रहे हैं, लोगों को पकड़कर मौत के घाट उतारा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति समेत दुनियाभर के नेताओं से पाकिस्तानी फौज की दमनकारी करतूतों को फौरन रोकने के लिए जल्द से जल्द कोई बड़ा कदम उठाने की अपील की है।

क्या है प्रदर्शनकारियों की मांग

इस प्रदर्शन में महिलाओं, बच्चों और समुदाय के नेताओं समेत लगभग 100 लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पाकिस्तानी सेना पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के नागरिक इलाकों से हट जाए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे निहत्थे नागरिकों पर घातक बल प्रयोग के आरोपों पर कार्रवाई करें।

Advertisement

भारत से दखल देने की अपील

प्रदर्शनकारियों ने लंबे समय से चल रहे इंटरनेट शटडाउन का मुद्दा भी उठाया। उनका दावा था कि इसके कारण लगभग 40 लाख लोग बाहरी दुनिया से कट गए हैं। स्थानीय लोगों ने एक अनोखी अपील की और भारत से दखल देने को कहा ताकि लोगों की जान बचाई जा सके और मानवीय राहत पहुंचाई जा सके। उन्होंने यह भी मांग की कि प्रभावित निवासियों तक मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए पुंछ और डोडा सेक्टर के जरिए नियंत्रण रेखा (LoC) को खोला जाए।

भारत ने की पाकिस्तान की आलोचना

Advertisement

इस मामले पर मंगलवार को विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ये झड़पें "व्यवस्थित शोषण" का नतीजा हैं। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि PoJK में चल रहे विरोध प्रदर्शन, पाकिस्तान द्वारा दशकों से किए जा रहे व्यवस्थित शोषण, मौलिक अधिकारों से वंचित रखने और उसके अवैध व जबरन कब्जे वाले इलाकों में प्रशासनिक दमन का सीधा परिणाम हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत को उम्मीद है कि दुनिया इस स्थिति पर ध्यान देगी और PoK में हो रहे गंभीर अत्याचारों और गलत कामों के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराएगी।

अशांति की यह नई लहर तब शुरू हुई जब पाकिस्तान के दूसरे हिस्सों में रह रहे जम्मू-कश्मीर के शरणार्थियों के लिए पाक-अधिकृत कश्मीर की विधानसभा में 12 सीटें आरक्षित करने का विरोध किया गया। अधिकारियों ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवा बंद कर दीं और प्रदर्शन के नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की गई है। 

इसे भी पढ़ें- Iran-US war: स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज में 20% टोल वसूली पर 24 घंटे में ही पलटे डोनाल्ड ट्रंप, नए प्‍लान का किया ऐलान, बताया कैसे करेंगे टैक्स की भरपाई

Published By:
 Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड