UP के गांवों में बनेगी डिजिटल लाइब्रेरी, योगी सरकार का बड़ा फैसला, ग्राम पंचायतों को मिलेगा 454 करोड़ रुपये का बजट

योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में प्रदेश की ग्राम पंचायत एवं वार्ड स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना के लिए 454 करोड़ रुपये का प्रावधान का बड़ा फैसला किया गया है।

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Yogi Adityanath 5
Yogi Adityanath 5 | Image: UP CMO X

सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के साथ-साथ पंचायतों को शिक्षा, डिजिटल संसाधन और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी, पंचायत उत्सव भवन और बहुउद्देशीय पंचायत भवनों के निर्माण एवं संचालन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में प्रदेश की ग्राम पंचायत एवं वार्ड स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना के लिए 454 करोड़ रुपये का प्रावधान का बड़ा फैसला किया गया है। इसके साथ ही 1000 बहुउद्देशीय पंचायत भवनों के निर्माण के लिए करीब 57 करोड़ रुपये तथा प्रत्येक विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत उत्सव भवन/बारात घर के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। 

उद्देश्य परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी सामग्री पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराना

ग्राम पंचायतों में स्थापित की जा रही डिजिटल लाइब्रेरियों का उद्देश्य केवल किताबें उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गांव के बच्चों और युवाओं को ई-बुक्स, डिजिटल अध्ययन सामग्री और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी सामग्री पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराना है। सरकार की योजना के तहत डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने और ग्रामीण युवाओं में पढ़ने की आदत विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। डिजिटल लाइब्रेरी परियोजना के तहत कई जिलों में फर्नीचर और पुस्तकों की आपूर्ति का काम पूरा हो चुका है, जबकि कुछ स्थानों पर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जानी बाकी है। 

इसके साथ ही डिजिटल लाइब्रेरियों के लिए आईटी उपकरण, फर्नीचर, पुस्तकों और ई-कंटेंट की व्यवस्था तथा उनके रखरखाव के लिए मानक कार्यप्रणाली (SOP) पर भी जोर दिया गया है। 

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पंचायत भवन में हो सकेंगे मांगलिक कार्यक्रम

योगी सरकार की ग्रामीण विकास की सोच में पंचायत भवनों को केवल सरकारी कामकाज तक सीमित रखने के बजाय उन्हें गांव के सामाजिक, शैक्षिक और सामुदायिक केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर है। पंचायत उत्सव भवनों का उपयोग विवाह, सामाजिक और मांगलिक कार्यक्रमों के लिए किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने भी ग्राम पंचायतों में उत्सव भवन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है और राज्य सरकार की ओर से इसके लिए वित्तीय सहयोग की व्यवस्था की गई है। 

डिजिटल लाइब्रेरी से गांव के युवा डिजिटल दुनिया से जुड़ेंगे, जबकि पंचायत उत्सव भवन ग्रामीण समाज को सामुदायिक गतिविधियों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध कराएंगे। इस तरह पंचायतें केवल प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि गांव के विकास और सामाजिक परिवर्तन के केंद्र के रूप में विकसित हो रही हैं।

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Published By:
 Kritarth Sardana
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