CM योगी ने अखिलेश यादव का चैलेंज किया स्वीकार, कहा- आप भी अयोध्या से नामांकन कीजिए और मैं भी करता हूं, लड़ाई चेलों से क्यों...
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बलरामपुर की जनसभा में सपा प्रमुख अखिलेश यादव की चुनौती पर करारा पलटवार करते हुए कहा कि वे अयोध्या सियासत के लिए नहीं, विकास के लिए जाते हैं। इस दौरान सीएम ने सपा प्रमुख को भी अयोध्या से नामांकन करने की चुनौती दे डाली।
- भारत
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती पर तीखा पलटवार किया है। शनिवार, 10 अक्टूबर को बलरामपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश पर जमकर तंज कसते हुए सीएम ने कहा हम दोनों ही अयोध्या से नामांकन करते हैं, आप नामांकन करिए और मैं भी। चलिए, एक बार किस्मत आजमा लेते हैं।
दरअसल, सीएम योगी का बयान अब आया है, जब हाल में भी अखिलेश यादव अयोध्या पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि 'मुख्यमंत्री को अपनी लोकप्रियता पर भरोसा है तो अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं। अखिलेश के इसी तंज पर शनिवार को सीएम योगी ने तीखा पलटवार किया है।
आप नामांकन करिए और मैं भी, एक बार किस्मत आजमा लेते हैं-सीएम योगी
शनिवार को सपा प्रमुख और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा "समाजवादी पार्टी के 'बाबू' घबरा गए हैं। उन्हें अब राज्य में हो रहा विकास दिखाई नहीं दे रहा है, न ही उनमें इसे पहचानने की क्षमता है। वह मुझे अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती देते हैं। मेरा प्रस्ताव है कि वह अयोध्या से अपना नामांकन दाखिल करें, और मैं भी वहीं से चुनाव लड़ूंगा। एक बार अपनी किस्मत आजमाने दो। अपने समर्थकों से क्यों लड़ना? मुकाबला आमने-सामने होना चाहिए।"
CM अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं-अखिलेश यादव
इससे पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव हाल में ही अयोध्या गए थे, जहां उन्होंने योगी सरकार पर हमला करते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री को अपनी लोकप्रियता पर भरोसा है तो अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं। इस दौरान चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के रवैये पर भी सवाल उठाए। अखिलेश के इसी चैलेंज पर सीएम योगी ने तीखा पलटवार किया है।
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सीएम ने पिछली सरकार पर साधा निशाना
सीएम योगी ने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि "क्या 10 साल पहले कोई सोच सकता था कि बलरामपुर में एक दिन यूनिवर्सिटी होगी? आज मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मां के नाम पर बलरामपुर में स्थापित यूनिवर्सिटी में एकेडमिक सेशन शुरू हो गया है। पिछली सरकारों में फैली अराजकता सबको याद है। माफिया जिस भी जमीन पर नज़र डालते थे, उस पर कब्जा कर लेते थे। समाजवादी पार्टी से जुड़े गुंडे व्यापारियों को फ़ोन पर धमकाते थे।"