Lucknow: अखिलेश के भाई प्रतीक यादव की तेरहवीं में पहुंचे CM योगी, संदिग्ध हालत में हुई थी मौत, VIDEO
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रतीक यादव के त्रयोदशी संस्कार में शामिल हुए हैं। उन्होंने अपर्णा यादव समेत परिवार से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की।
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CM Yogi in Prateek Yadav Terahvi: सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और बीजेपी नेत्री अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का आज राजधानी लखनऊ में त्रयोदशी संस्कार और श्रद्धांजलि सभा रखी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी ब्रह्म भोज में शामिल होने पहुंचे हैं।
समाचार एजेंसी एएनआई ने प्रतीक यादव के त्रयोदशी संस्कार का वीडियो जारी किया है। यहां सीएम योगी ने प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव समेत परिवार से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की।
कार्ड में साथ दिखा पूरा यादव परिवार
अपर्णा यादव ने रविवार की शाम एक्स पर तेरहवीं का कार्ड पोस्ट किया था। इसमें अपर्णा यादव के साथ-साथ बड़े भाई अखिलेश यादव, सांसद डिंपल यादव और उनके बच्चों के नाम, चाचा शिवपाल यादव सहित मुलायम परिवार के सभी दिग्गजों के नाम छपवाए गए हैं।
क्यों सुर्खियों में सैफई परंपरा?
कार्ड सामने आने का साथ ही कई तरह की चर्चाएं होने लगी। कार्ड पर छपवाए गए नाम पूरे कुनबे के एक साथ खड़े होने को दर्शाता है, जबकि दूसरी चर्चा मुलायम सिंह यादव के गांव सैफई की तेरहवीं की परंपरा को लेकर हुई।
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आमतौर पर निधन के बाद तेरहवीं होती है। इस दिन ब्राह्मण भोज के साथ ही रिश्तेदारों, जान-पहचान वालों और गांव वालों को भोज कराया जाता है। हालांकि मुलायम सिंह यादव के पैतृक गांव सैफई में यह चलन बहुत पहले ही बंद हो चुका है। ग्रामीणों का मानना है कि इसके कारण गरीब परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता था। ऐसे में अखिलेश यादव ने भी इस परपंरा को जारी रखते हुए पिता मुलायम सिंह यादव की तेरवहं नहीं की थी। इसके बजाय उन्होंने निधन के 11वें दिन हवन और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। अखिलेश समेत परिवार ने शुद्धि संस्कार में हिस्सा लिया था।
ऐसे में इस बात को लेकर कई तरह की राजनीतिक और पारिवारिक अटकलें लगने लगीं। हालांकि, तेरहवीं के निमंत्रण ने सभी चर्चाओं पर विराम लगा दिया।
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प्रतीक यादव का 13 मई को हुआ था निधन
बता दें कि प्रतीक यादव का निधन 13 मई 2026 को हुआ था। उनके अचानक निधन ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया। कई दिनों से बीमार चल रहे प्रतीक की मौत का कारण हार्ट में खून का थक्का जमने को मुख्य कारण माना गया। इसके बाद 14 मई को उनका गोमती किनारे अंतिम संस्कार हुआ।