महाकुंभ में कुछ ऐसा नहीं हुआ जिससे शर्मिंदा होना पड़े, कुछ ने बस अफवाह..., विधान परिषद में CM योगी ने दिया हर सवाल का जवाब
CM योगी आदित्यनाथ ने विधान परिषद में बजट सत्र पर चर्चा के दौरान महाकुंभ को लेकर विपक्ष के सवालों का जवाब दिया।
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान परिषद में प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ को लेकर विपक्ष के हर एक सवाल का जवाब दिया। अपने भाषण की शुरुआत में योगी ने कहा, महाकुंभ का आयोजन हो रहा था, तब भी बहुत सारे ऐसे सदस्य थे, ऐसी पार्टियां थी, जो अनर्गल बयान दे रही थी। मगर हम अपनी जिम्मेदारी का पालन कर रहे थे। लोगों की अपनी भावना भी हो सकती है। हम जबरन किसी पर कुछ थोप नहीं सकते हैं।
विधान परिषद के बजट सत्र 2025-26 के अंतर्गत बजट पर चर्चा करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, कुंभ के बारे में चर्चा वो ही कर सकता है,जिसने महाकुंभ का दर्शन किया हुआ। भगवान श्री कृष्णा ने भी बोला था, मुझे जो जिस रूप में स्मरण करता है, मैं उसे उसी रूप में दिखाई देता हूं। मुझे लगता है जिस की जैसी दृष्टि थी, उसको महाकुंभ में वही दिखाई दिया। मैं आज यहां खड़ा होकर कह रहा हूं कि महाकुंभ में कुछ ऐसा नहीं हुआ कि जिससे शर्मिंदा होना पड़े।
महाकुंभ में शर्मिंदा होना जैसा कुछ नहीं हुआ-योगी
विधानसभा में महाकुंभ मेले पर बोलते हुए सीएम योगी ने कहा, इस दौरान कोई भी ऐसी घटना नहीं हुई जिस के कारण कोई भी अपने आप को शर्मिंदा महसूस करे। कोई क्षेत्र का भेद नहीं था। महाकुंभ एक नया संदेश दिया। दुनिया ने इस महाचमत्कार को देखा है, जो महाकुंभ ने दुनिया को दिया। प्रयागराज ही नहीं 5 लाख से लेकर 25 लाख श्रदालु काशी भी पहुंचे। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिला। वहां के स्थानीय लोगों ने भी देहरिये के साथ सब का स्वागत किया। 5 लाख से 15 लाख तक श्रदालु अयोध्या धाम में भी देखने गए, सब को सब सुविधा मिली।
गंगा कल भी पवित्र और आज भी-योगी
वहीं संगम की जल की शुद्धता पर बोलते हुए सीएम योगी ने कहा, जिस गंगा की पवित्रता के बारे में प्रशन उठा था, 2014 के पहले मां गंगा बिजनौर जनपद से बलिया जनपद की दुरी तय करती थी। 1 हजार KM का कानपूर में 125 वर्षो से 4 करोड़ सीवर गंगा जी में उड़ेला जाता था, लेकिन मोदी जी ने मां नमामी गंगे के तहत इसे सही किया। सपा पर बरसते हुए योगी ने कहा, इन लोगों ने अपने समय में कुछ नहीं किया , हमने अपने समय में कार्य किया। मां गंगा की सफाई पर के लिए कई कदम उठाए। सीवर बनाने का काम किसने किया था ? जिस को ये दूषित कहते थे वो मां गंगा आज भी उतनी ही पवित्र है।