UP: चाइल्ड पोर्नोग्राफी मामले में जेई और उसकी पत्नी को फांसी की सजा, 34 बच्चों के यौन शोषण का वीडियो बना इंटरनेट पर अपलोड किया
चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले में बांदा की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी रामभवन और उसकी पत्नी को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। सुनवाई के दौरान सीबीआई की टीम भी कोर्ट में मौजूद रही। जानें क्या है पूरा मामला?
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Child Pornography Case: नाबालिग बच्चों से सेक्स करते हुए वीडियो बनाकर बेचने वाले आरोपी रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को विशेष पॉक्सो कोर्ट ने मृत्युदंड की सजा सुनाई है। 31 अक्टूबर 2020 को इस मामले में FIR करवाई गई थी, जिसमें यौन शोषण के वीडियो थे, जो 47 देशों में भेजे जाते थे। सीबीआई की जांच में ये ऐसे 2 लाख से ज्यादा वीडियो मिले।
कोर्ट ने आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई और जिलाधिकारी को पत्र जारी कर केंद्र और राज्य सरकारें दोनों को मिलकर पीड़ित 34 बच्चों को 10-10 लाख रुपये की धनराशि देने के आदेश दिए हैं। आरोपी रामभवन के घर से भी करीब 8 लाख से रुपये बरामद हुए थे, वह भी बच्चों को ही दिया जाएगा। चित्रकूट के सिंचाई विभाग के निलंबित जेई आरोपी रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती चित्रकूट में एक किराए के कमरे में रहते थे। आरोपी करीब 10 साल से लगातार ये कृत्य कर रहा था, इसमें उसकी पत्नी भी उसका साथ देती थी।
CBI को मिली 2 लाख वीडियो और फोटो
सीबीआई जब इस पूरे मामले की जांच कर रही थी तो सीबीआई को 2 लाख वीडियो और फोटो 47 देशों की अलग-अलग वेबसाइटों पर मिले। जो आरोपी रामभवन ने अपलोड किए थे। इन लिंक और वीडियो को भी साक्ष्य के रूप में कोर्ट में प्रस्तुत किया गया, साथ ही 34 नाबालिग बच्चों के बयान भी दर्ज किए गए।
चित्रकूट में करते थे घिनौना काम
सीबीआई की जांच में यह भी बात सामने निकल कर आई थी कि मूलरूप से बांदा के नरैनी इलाके के रहने वाले आरोपी दंपती ने चित्रकूट में ये घिनौना अपराध करते थे। ये लोग डार्क वेब के जरिए पोर्न साइटों में वीडियो और फोटो अपलोड किया करते थे। आरोप था कि 33 से 34 बच्चे जिनकी उम्र 3 साल से लेकर 18 साल तक थी, उनके साथ यौन शोषण के वीडियो 47 देशों में भेजे गए थे।
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2020 में जब मामले को लेकर FIR दर्ज करवाई गई तो उसके बाद CBI ने आरोपी रामभवन को तुरंत गिरफ्तार कर लिया, बाद में जांच की गई तो रामभवन की पत्नी भी इस अपराध में संलिप्त पाई गई, इसलिए पत्नी दुर्गावती को भी गिरफ्तार कर लिया गया और दोनों को बांदा जेल में रखा गया। पांच साल के अंदर इस मामले को लेकर कई सुनवाई की गई, जिसमें लगातार आरोपियों से पूछताछ की गई और सबूत जुटाए गए। जिसके बाद अब जाकर बांदा कि विशेष पॉक्सो कोर्ट ने दोनों आरोपियों को फांसी की सजा सुवाई है।