थप्पड़ मारे, हाथ-पैर पकड़कर 300 मीटर तक घसीटा... आगरा में RPF जवानों की 'हैवानियत', रेलवे के सीनियर अफसर के साथ बर्बरता की हदें पार; VIDEO
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर रविवार को उस वक्त हंगामा मच गया जब आरपीएफ के जवानों ने ड्यूटी पर तैनात एक सीनियर रेलवे अधिकारी के साथ हाथापाई की और उन्हें घसीटते हुए थाने तक ले गए।
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आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर रविवार को उस वक्त हंगामा मच गया जब आरपीएफ के जवानों ने ड्यूटी पर तैनात एक सीनियर रेलवे अधिकारी के साथ हाथापाई की और उन्हें घसीटते हुए थाने तक ले गए। पूरा मामला एक महिला यात्री की मदद करने से जुड़ा है, जिसे लेकर स्टेशन प्रशासन और सुरक्षाबल आमने-सामने आ गए।
घटना सुबह करीब 11 बजे की है, जब अमृतसर से चलकर आई हीराकुंड एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर एक पर रुकी थी। इसी दौरान एक महिला यात्री ट्रेन से उतरकर सामान खरीदने चली गई। इतने में ट्रेन ने रफ्तार पकड़ ली और महिला पीछे छूटने लगी। उसे दौड़कर ट्रेन पकड़ने की कोशिश करते देख डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट नरेंद्र चाहर ने तुरंत वॉकी-टॉकी पर लोको पायलट से संपर्क किया और गाड़ी की गति धीमी करवा दी।
फिर क्या हुआ?
जैसे ही ट्रेन धीमी हुई और महिला उसमें सवार होने लगी, वहां मौजूद आरपीएफ के एक जवान ने उसे चेन पुलिंग के शक में रोक लिया। DSS चाहर ने बीच में आकर बताया कि ट्रेन उन्होंने ही रुकवाई थी, इसलिए यह चेन पुलिंग का मामला नहीं बनता। लेकिन जवान इस बात को मानने को तैयार नहीं हुआ, और देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
मामला तूल पकड़ता देख आरपीएफ जवान ने अपने बाकी साथियों को मौके पर बुला लिया। इसके बाद कई जवानों ने मिलकर DSS चाहर को घेर लिया और जबरन ले जाने लगे। विरोध करने पर उन्हें जमीन पर पटक दिया गया और करीब एक मिनट तक हाथापाई चलती रही। पास के केबिन में मौजूद रेलवे स्टाफ जवानों को रोकने की कोशिश करता रहा, मगर उनकी एक न सुनी गई। आरोप है कि इसके बाद जवान DSS को हाथ-पैर पकड़कर करीब 300 मीटर तक घसीटते हुए थाने ले गए, जबकि वे जमीन पर तड़पते रहे। दूसरी ओर आरपीएफ का दावा है कि DSS ने पहले उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था।
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चारों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया
घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में रेलकर्मी आरपीएफ थाने के बाहर जमा हो गए और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करने लगे। कर्मचारियों का कहना था कि एक महिला यात्री की मदद करने की सजा उनके अधिकारी को इस तरह बेइज्जत करके नहीं दी जा सकती थी।
घटना के वीडियो सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आया और मामले में शामिल एएसआई मेघराज मीणा, एएसआई बालकिशन, कॉन्स्टेबल बदन सिंह और कॉन्स्टेबल जितेंद्र, इन चारों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया।