SHO के जैकेट में लगी गोली, हेड कांस्टेबल जख्मी... सवा लाख का इनामी कुख्यात मिथुन बावरिया एनकाउंटर में मारा गया, जानिए क्राइम कुंडली
मिथुन की आपराधिक पृष्ठभूमि काफी पुरानी रही है। उसके खिलाफ पहला मुकदमा मारपीट का दर्ज किया गया था। इसके बाद वह लगातार अपराध की दुनिया में गहराता चला गया।
- भारत
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उत्तर प्रदेश के शामली जिले के झिंझाना थाना क्षेत्र में देर रात एक मुठभेड़ हुई, जिसमें बहुचर्चित बावरिया गिरोह का कुख्यात सरगना मिथुन अपने साथी राहुल के साथ गिरफ्तार होने से बचने की कोशिश कर रहा था। इस मुठभेड़ में मिथुन, जिसपर सवा लाख रुपये का इनाम था, पुलिस की जवाबी गोलीबारी में ढेर हो गया, जबकि उसका साथी राहुल मौके से भागने में कामयाब रहा।
घटना की जानकारी मिलने पर एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह और एएसपी सुमित शुक्ला तुरंत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को घेर लिया। उक्त देर रात सूचना मिली कि वेदखेड़ी-मंसूरा मार्ग पर बावरिया गिरोह के सदस्य किसी बड़ी वारदात की तैयारी में हैं। शामली पुलिस और एसओजी की एक संयुक्त टीम ने इलाके की पूरी घेराबंदी की। बदमाशों ने पुलिस को देखकर भारी फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोलीबारी की।
थाना प्रभारी वीरेंद्र कसाना की जैकेट में गोली लगी
इस मुठभेड़ में एसओजी के हेड कांस्टेबल हरविंदर घायल हो गए, जबकि झिंझाना थाना प्रभारी वीरेंद्र कसाना की जैकेट में गोली लगी, लेकिन वे बाल-बाल बच गए। घायल कांस्टेबल हरविंदर का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने मौके से एक कार्बाइन राइफल और एक मेड इन इटली पिस्तौल भी बरामद की है।
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मिथुन पर शामली से एक लाख और बागपत पुलिस की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। वह कांवड़ यात्रा के दौरान बागपत में एक महिला से लूट की घटना को भी अंजाम दे चुका था। उसके खिलाफ हत्या, लूट, गैंगस्टर संबंधी 20 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। जांच में पता चला कि मिथुन नियमित रूप से पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली, तमिलनाडु सहित कई अन्य राज्यों में छिपकर अपराध करता था और अलग-अलग नामों से पहचान बनाकर वारदातें करता था। वर्ष 2017 में झिंझाना के चर्चित भारत कुमार हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आया था।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस मुठभेड़ के साथ ही बावरिया गिरोह के आतंक का एक बड़ा सफाया कर दिया है, लेकिन अब फरार बदमाश राहुल की तलाश के लिए देशव्यापी काम्बिंग जारी है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्य भी पकड़े जा सकें और पूरे गिरोह को समाप्त किया जा सके।
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बेहद शातिर अपराधी था मिथुन
एसपी शामली नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ढेर हुआ बदमाश मिथुन बावरिया बेहद शातिर और खतरनाक अपराधी था। उसके ऊपर शामली पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था, जबकि बागपत पुलिस भी उस पर इनामी राशि घोषित कर चुकी थी। कांवड़ यात्रा के दौरान बागपत जिले में महिला से लूट की बड़ी वारदात के बाद से ही वह पुलिस के राडार पर था। इसके बाद उसने लगातार कई जिलों में अपराध जारी रखे।
एसपी के अनुसार, मिथुन न सिर्फ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय था, बल्कि पंजाब, साउथ दिल्ली, जयपुर और अन्य राज्यों में भी वारदात करता था। वह शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर जिलों में कई लूट, चोरी और हथियारों से जुड़ी घटनाओं में शामिल रहा। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि मिथुन और उसका गिरोह तमिलनाडु में भी कई बड़ी लूटों को अंजाम दे चुका है।
मिथुन की आपराधिक पृष्ठभूमि काफी पुरानी रही है। उसके खिलाफ पहला मुकदमा मारपीट का दर्ज किया गया था। इसके बाद वह लगातार अपराध की दुनिया में गहराता चला गया। हत्या, लूट, डकैती, हथियारों की तस्करी और कई गंभीर मामलों में उसका नाम दर्ज है। वर्ष 2017 में झिझाना क्षेत्र में हुए चर्चित भारत कुमार हत्याकांड में भी वह शामिल बताया जाता है।