बरेली हिंसा में अब तक 81 गिरफ्तार, तौकीर रजा के मददगारों पर हुए एक्शन में बुलडोजर से एनकाउंटर तक शामिल
Bareilly News : हिंसा के बाद बरेली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इंटरनेट सेवाएं कुछ समय के लिए बंद की गईं। पुलिस ने चेतावनी दी है कि हिंसा फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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Bareilly Violence News : उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में हाल ही में हुई हिंसा ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया। जुमे की नमाज के बाद भड़की इस हिंसा को पुलिस ने एक सुनियोजित साजिश करार दिया है। जांच में सामने आया है कि दंगे की प्लानिंग एक हफ्ते पहले से चल रही थी, और इसमें बाहरी राज्यों से लोगों को बुलाया गया था। 26 सितंबर, 2025 को जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा में अब तक 81 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि बुलडोजर एक्शन में 74 अवैध दुकानों और संपत्तियों पर कार्रवाई की गई है।
बरेली हिंसा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है, जिसमें इंटरनेट सेवाएं भी कुछ समय के लिए निलंबित रहीं। अब तीन आरोपी एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किए जा चुके हैं। बुधवार को 2 आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया है। शाहजहांपुर के इदरीस और इकबाल का एनकाउंटर किया गया है। इदरीस पर 20 और इरशाद पर 17 मुकदमे दर्ज हैं। दोनों शाहजहांपुर से आकर बवाल में शामिल हुए थे। वहीं SP सिटी मानुष पारीक के गनर से लूटी गन भी बरामद की गई है, इदरीस के पास से एंटी टियर गन भी बरामद हुई है।
मौलाना तौकीर रजा से जुड़े तार
बरेली में पिछले शुक्रवार को हुई हिंसा की साजिश के तार मौलाना तौकीर रजा से जुड़ रहे हैं। तौकीर रजा के करीबियों के ठिकानों पर बुलडोजर एक्शन भी हुआ है। यह हिंसा इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा के समर्थकों से जुड़ी बताई जा रही है, जहां प्रदर्शन के दौरान पथराव और फायरिंग जैसी घटनाएं हुईं। पुलिस ने इस मामले में चुन-चुनकर आरोपियों पर कार्रवाई की है, जिसमें एनकाउंटर से लेकर बुलडोजर एक्शन तक शामिल हैं।
19 सितंबर से प्लानिंग
हिंसा की शुरुआत एक प्रदर्शन से हुई, जिसने जल्द ही हिंसक रूप ले लिया। प्रदर्शन के दौरान पथराव, आगजनी और पुलिस पर हमले हुए। पुलिस के अनुसार, यह कोई अचानक घटना नहीं थी, बल्कि 19 सितंबर से इसकी प्लानिंग हो रही थी। SSP ने खुलासा किया कि नमाज का समय जानबूझकर बदला गया था ताकि भीड़ जुटाई जा सके। व्हाट्सएप के जरिए 55 लोगों ने कॉल करके करीब 1600 लोगों की भीड़ इकट्ठा की।
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प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसके जवाब में पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। इस घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए और शहर में तनाव का माहौल बन गया। मौलाना तौकीर रजा पर आरोप है कि उन्होंने पिछले कई सालों से शहर में अशांति फैलाने की कोशिश की है और इस बार उनके समर्थकों ने हिंसा को भड़काया। चैट्स और सोशल मीडिया हैंडल्स की जांच से पता चला कि बंगाल और बिहार से भी लोग बुलाए गए थे। पुलिस ने मौके से तमंचा, कारतूस, पत्थर के टुकड़े और पेट्रोल बम बरामद किए हैं। सीसीटीवी फुटेज और मैनुअल मैपिंग से दंगाइयों की पहचान की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई
बरेली हिंसा के बाद कुल 10 FIR दर्ज की गई हैं, जिसमें 2000 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। पुलिस अब तक 81 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। जिनमें प्रमुख आरोपी मौलाना तौकीर रजा, उनके सहयोगी इदरीस, इकबाल, नदीम खान, जफरुद्दीन, डॉ. नफीस और लियाकत शामिल हैं। इसके अलावा, 3 एनकाउंटर में संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। तौकीर के रिश्तेदार मोहसिन खान को हिरासत में लिया गया है और उनके अवैध चार्जिंग स्टेशन पर बुलडोजर चला दिया गया।