UP News: बरेली में अवैध निर्माण पर चला 'पीला पंजा', कोर्ट के आदेश पर प्रशासन का एक्शन; 2008 से चल रही थी कानूनी लड़ाई
UP News: उत्तर प्रदेश के बरेली में प्रशासन ने सरकारी बंजर भूमि पर बनी एक मस्जिद को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। 18 साल तक चली कानूनी लड़ाई और कोर्ट के आदेश के बाद सदर तहसील टीम ने भोजीपुरा के पिपरिया गांव में यह कार्रवाई की।
- भारत
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UP News: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर अवैध निर्माण पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई है। यहां शनिवार को बरेली के भोजीपुरा स्थित पिपरिया गांव में अवैध रूप से निर्मित मस्जिद पर बुलडोजर चलाया गया। सदर तहसील टीम की कार्रवाई में मस्जिद को जमींदोज कर दिया गया है।
मामले में अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा कर यह मस्जिद बनाई गई थी। लंबे समय तक सुनवाई के बाद अदालत के आदेश पर प्रशासन ने यह कार्रवाई की है।
सरकारी बंजर भूमि पर बनी हुई थी मस्जिद
एसडीएम सदर प्रमोद कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पिपरिया गांव में यह मस्जिद राजस्व अभिलेखों में गाटा 1474 पर (श्रेणी-5) की सरकारी बंजर भूमि पर बनी हुई थी। करीब 300 वर्ग गज में फैली इस मस्जिद को हटाने के लिए प्रशासन ने भारी पुलिस बल और पीएसी के जवानों के साथ मोर्चा संभाला। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी भेदभाव के तहत नहीं, बल्कि हाईकोर्ट के आदेशानुसार, इस अवैध ढांचे को ध्वस्त कर सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त करा लिया गया है।
2008 से चल रही थी कानूनी जंग
बताया जा रहा है, इस निर्माण को लेकर विवाद लगभग दो दशक पुराना है। एसडीएम सदर प्रमोद कुमार ने बताया कि इस भूमि (गाटा संख्या 1474) को लेकर कानूनी लड़ाई साल 2008 में शुरू हुई थी। सबसे पहले तहसीलदार कोर्ट ने इसे अवैध कब्जा मानते हुए बेदखली के आदेश जारी किए थे।
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इसके बाद मुस्लिम पक्ष ने राहत के लिए सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन लंबी सुनवाई के बाद वहां से भी उनका मुकदमा खारिज कर दिया गया। अदालती बाधाएं दूर होते ही प्रशासन ने शनिवार दोपहर करीब 12 बजे ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की, जो महज एक घंटे में पूरी कर ली गई।
कब्जा करने वालों पर लगा जुर्माना
मस्जिद गिराए जाने के दौरान एसडीएम ने बताया कि बेदखली की प्रक्रिया के दौरान कब्जा करने वाले पक्ष पर कानूनी जुर्माना भी लगाया गया था, जिसे उन्होंने पहले ही सरकारी खजाने में जमा कर दिया था। कार्रवाई के बाद बुलडोजर की मदद से मौके से मलबा हटाया गया और उसे ट्रॉलियों में भरकर सरकारी जमीन को पूरी तरह साफ कर दिया गया है।
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एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि यह निर्माण अस्थाई श्रेणी का था और इसमें स्थानीय ग्रामीण नमाज अदा करते थे, लेकिन चूंकि यह राजस्व दस्तावेजों में सरकारी जमीन थी, इसलिए इसे हटाना अनिवार्य था।