मुख्तार अंसारी की मौत का कौन लेना चाहता है हिसाब? बांदा जेल अधीक्षक को जान से मारने की मिली धमकी
UP news : मुख्तार अंसारी बांदा जेल में ही अपनी सजा काट रहा था। अब बांदा जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा को जान से मारने की धमकी मिली है।
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Banda News : दिल का दौरा पड़ने से पूर्वांचल के माफिया मुख्तार अंसारी की मौत के बाद अब बांदा मंडल कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा को जान से मारने की धमकी मिली है। मुख्तार अंसारी बांदा जेल में ही अपनी सजा काट रहा था। जेल अधीक्षक की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। बांदा जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा को यह धमकी सोमवार सुबह को एक अज्ञात व्यक्ति ने दी है। जेल अधीक्षक के CUG मोबाइल नंबर पर फोन करके जान से मारने की धमकी दी गई है।
कयास लगाए जा रहे हैं कि जेल अधीक्षक को यह धमकी माफिया मुख्तार अंसारी के किसी समर्थक ने दी है। मुख्तान अंसारी ने बांदा जेल में रहते पेशी के दौरान शिकायत की थी कि उसे खाने में धीमा जहर दिया जा रहा है। इसके बाद कोर्ट ने जांच के आदेश दिए थे। मुख्तार अंसारी को गुरुवार को तबीयत बिगड़ने के बाद बांदा जिला जेल से रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था, जहां दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई थी।
दिल का दौरा पड़ने से मौत
मुख्तार अंसारी की मौत के बाद परिजनों ने भी जेल में धीमा जहर देने का आरोप लगाया था। जिसके बाद डॉक्टरों के एक पैनल ने माफिया का पोस्टमार्टम किया था। मुख्तार अंसारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है कि उसकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई।
15 साल की उम्र में अपराध की दुनिया में कदम
साल 1963 में एक प्रभावशाली परिवार में जन्मे मुख्तार अंसारी ने राज्य में पनप रहे सरकारी ठेका माफियाओं में खुदको और अपने गिरोह को स्थापित करने के लिए अपराध की दुनिया में प्रवेश किया। साल 1978 की शुरुआत में महज 15 साल की उम्र में अंसारी ने अपराध की दुनिया में कदम रखा। अंसारी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 506 (आपराधिक धमकी) के तहत गाजीपुर के सैदपुर थाने में पहला मामला दर्ज किया गया था। अगले एक दशक में वह अपराध की दुनिया में कदम जमा चुका था और उसके खिलाफ जघन्य अपराध के तहत कम से कम 14 और मामले दर्ज हो चुके थे।