Bahraich Violence : रामगोपाल हत्याकांड मामले में 10 लोग दोषी करार, गुरुवार को सुनाई जाएगी सजा

Ramgopal Mishra Murder : उत्तर प्रदेश में बहराइच जिले के महराजगंज में 13 अक्टूबर, 2024 को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई हिंसा में रामगोपाल मिश्रा की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में कोर्ट ने 10 लोगों को दोषी करार दिया है। दोषी करार दिए गए लोगों को कोर्ट गुरुवार को सजा सुनाएगा।

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Bahraich ramgopal mishra murder case 10 accused convicted
रामगोपाल हत्याकांड मामले में 10 लोग दोषी करार, 11 दिसंबर को सुनाई जाएगी सजा | Image: social media

Ramgopal Mishra Murder: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में 13 अक्टूबर, 2024 को दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान रामगोपाल मिश्रा की हत्या कर दी थी। इस मामले में मंगलवार (9 दिसम्बर) का दिन महत्वपूर्ण रहा। रामगोपाल मिश्रा की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र कोर्ट ने 10 अभियुक्तों को निर्मम हत्या करने के आरोप में दोषी करार दिया। अब इस मामले में कोर्ट गुरुवार को सजा का ऐलान करेगा। अदालत ने सभी आरोपियों को कठोर अपराध का दोषी माना है। इस मामले में महज 13 महीने 26 दिनों में न्याय की राह साफ हुई है।

कोर्ट ने इन्हें माना दोषी

गौरतलब है कि रामगोपाल मिश्रा की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी सहित अन्य 13 आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था। कई महीनों तक चले ट्रायल के बाद आखिरकार राम गोपाल मिश्रा के परिजनों को न्याय मिलता दिखाई दे रहा है। इस मामले में कोर्ट ने अब्दुल हमीद, फहीम, सरफराज, तालिब, सैफ, जावेद, जीशान, शोएब, ननकऊ और मारुफ को कठोर अपराध का दोषी माना है।

क्या था रामगोपाल हत्याकांड?

दरअसल, 13 अक्टूबर 2024 को दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान बहराइच के महाराजगंज में हिंसा और आगजनी हुई थी। प्रतिमा विसर्जन के दौरान समुदाय विशेष के लोगों ने पथराव करते हुए फायरिंग कर दी थी। रामगोपाल मिश्रा के साथ क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए उनके नाखूनों को उखाड़ लिया गया था। गोपाल को कई गोलियां मारी गई थी। 

रामगोपाल हत्या के बाद पूरे इलाके में था तनाव

अक्टूबर 2024 में रामगोपाल की हत्या के बाद पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया था। हत्या के बाद पूरे बहराइच में जनता के द्वारा जबरदस्त आक्रोश देखा गया था और दर्जनों से ज्यादा दुकानें जला दी गई थी। हत्या के बाद बहराइच में भारी फोर्स लगाई गई थी। उस समय कानून व्यवस्था को संभालने के लिए शासन ने STF चीफ अमिताभ यश को दंगा रोकने के लिए भेजा था। 

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Published By:
 Sagar Singh
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