UP News: लड़कों के हाफ पैंट पहनने और स्मार्टफोन इस्तेमाल करने पर बैन, बागपत में खाप पंचायत का तुगलकी फरमान से सब हैरान

उत्तर प्रदेश में एक बार फिर खाप पंचायत के फैसलों की चर्चा तेज हो गई है। खाप पंचायत ने ऐसे कई फैसले लिए हैं, जिन्हें सामाजिक मर्यादा के तहत बताया जा रहा है। खाप पंचायत ने लड़को के स्मार्टफोन चलाने और हाफ पैंट पहनने पर रोक लगा दिया गया है।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
baghpat khap panchayat decision ban smartphone and half pant
लड़को के स्मार्टफोन और हाफ पैंट पर रोक, खाप चौधरियों का बड़ा फैसला | Image: social media

उत्तर प्रदेश के बागपत में हुई खाप चौधरियों की पंचायत एक बार फिर से चर्चा के केंद्र में है। इस पंचायत में लड़कियों पर नहीं, बल्कि लड़कों के लिए कुछ सामाजिक नियम तय किए गए, जिनकी चर्चा सबसे अधिक है। खबरों के अनुसार इस पंचायत में 18 साल से कम उम्र के बच्चों को स्मार्टफोन देने और चलाने पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी। इसके अलावा, पंचायत के निर्णय में यह भी कहा गया है कि लड़कों के हाफ पैंट पहनने पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा। खाख पंचायत में मैरिज होम में शादियों पर भी आपत्ति जताई गई। खाप पंचायत ने घर और गांव में विवाह पर जोर डाला।

18 साल से कम उम्र के लड़कों के मोबाइल पर रोक

खबरों के अनुसार खाप पंचायत के दौरान यह निर्णय लिया गया कि 18 साल से कम उम्र के लड़कों के मोबाइल (स्मार्टफोन) देने पर रोक लगाई है। सिर्फ स्मार्टफोन ही नहीं, बल्कि लकड़ों के हाफ पैंट पहनने पर भी आपत्ति जताई है और इससे पहनने से माना किया है। खाप चौधरियों का मानना है कि आज के युवा पर गलत प्रभाव पड़ रहा है, जिसके चलते संस्कृति पर भी गलत असर पड़ रहा है।

घर और गांव में विवाह पर जोर

खाप पंचायत ने घर और गांव में विवाह पर जोर डाला है। पंचायत ने तय किया कि शादियां गांव और घरों में हो होनी चाहिए, ताकि पारिवारिक जुड़ाव बना रहे और खर्च पर भी नियंत्रण किया जा सकें। मैरिज होम में शादियों से लोगों के बीच दूरियां बढ़ती है और पारिवारिक रिश्ते भी कमजोर होते हैं।

राजस्थान में लड़कियों के स्मार्टफोन बैन का समर्थन

बागपत में खाप चौधरियों ने राजस्थान का भी समर्थन किया है। बागपत में खाप चौधरियों ने उस फैसले का समर्थन किया है, जिसमें राजस्थान में लड़कियों के स्मार्टफोन बैन लगा हुआ है। इसे समाज सुधार की दिशा में एक बड़ा अभियान बताया गया। 

Advertisement

ये भी पढ़ें: 'मोदी सरकार को ठोस कदम उठाना चाहिए वरना डायनासोर की तरह...', बांग्लादेश में हिंदू युवकों की हत्या पर फूटा धीरेंद्र शास्त्री का गुस्सा
 

Published By:
 Sujeet Kumar
पब्लिश्ड