'भूत' का डर, 4 दिन की पूजा, फिर हुआ कुछ ऐसा उजड़ गया पूरा परिवार... आजमगढ़ में 4 कत्ल की इनसाइड स्टोरी
यूपी के आजमगढ़ में चार लोगों की निर्मम हत्या के सनसनीखेज मामला ने रूह कंपा दी है। आरोपी अरविंद ने अपनी ही लाइसेंसी बंदूक से अंधाधुंध फायरिंग कर दो पंडितों और अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने अपने बेटे को भी गोली मार दी। वहीं यूपी एटीएस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को एनकाउंटर में मार गिराया है।
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Azamgarh Murder: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में मंगलवार की शाम एक घर में पूजा-पाठ के दौरान सिरफिरे युवक अरविंद ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर अपनी पत्नी और दो पुजारियों की हत्या कर दी। इस हत्याकांड से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
वारदात के बाद आरोपी ने अपने तीन बच्चों को एक कमरे में बंधक बना लिया और पुलिस के लाख समझाने पर भी नहीं माना। उसने न ही बच्चों को सुरक्षित बाहर भेजा और न ही खुद को सरेंडर किया। इसी बीच, उसने अपने बेटे को भी नहीं बख्शा और उस पर भी गोली चला दी।
एनकाउंटर में हत्यारोपी ढेर
स्थिति गंभीर होने पर पुलिस ने दरवाजा तोड़कर आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की जिसमें आरोपी घायल हो गया। इसके बाद पुलिस की टीम उसे और उसके घायल बेटे को अस्पताल लेकर पहुंचीं, जहां दोनों को मृत घोषित कर दिया गया।
पूजा बंद न करने पर चलाई गोली
बताया जा रहा है कि आरोपी अरविंद के घर में पिछले चार दिनों से एक विशेष पूजा चल रही थी। अरविंद इस पूजा के आयोजन से काफी नाराज चल रहा था। पूजा के चौथे दिन उसने अचानक पंडितों और परिवार को तुरंत अनुष्ठान बंद करने को कहा। जब किसी ने भी उसकी बात नहीं सुनी, तो उसने गुस्से में आकर अपनी लाइसेंसी बंदूक निकाल ली और फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलीबारी में पूजा करा रहे दोनों पंडितों की मौके पर ही मौत हो गई।
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पत्नी पर भाई की मौत का आरोप मढ़ चलाई गोली
पंडितों को गोली मारने के बाद अरविंद ने अपनी पत्नी पर बंदूक तान दी। उसने तिलमिलाते हुए अपनी कहा कि उसकी वजह से ही उसके भाई की मौत हुई थी। इसके तुरंत बाद उसने अपनी पत्नी पर भी ट्रिगर दबा दी, जिससे उसकी भी जान चली गई।
8 साल पहले हुई थी अरविंद के भाई की हत्या
रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 8 साल पहले अरविंद के भाई की हत्या हुई थी। ऐसे में परिवार के सदस्यों को शक था कि उसका भाई भूत बनकर परेशान कर रहा है। इसी तथाकथित 'भूतिया साए' से मुक्ति पाने के लिए घर में विशेष पूजा का आयोजन किया गया था।