Ayodhya: चढ़ावा चोरी के आरोपियों को नहीं मिल रहा VIP ट्रीटमेंट, जेल प्रशासन ने दावे को नकारा, SIT ने SC को सौंपी रिपोर्ट
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जेल प्रशासन ने आरोपियों को VIP ट्रीटमेंट मिलने के दावों को पूरी तरह खारिज किया है। जेल अधीक्षक के अनुसार सभी आठ आरोपी हाई सिक्योरिटी बैरक में 24 घंटे CCTV की निगरानी में हैं।
- भारत
- 2 min read

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जेल में बंद आरोपियों को विशेष सुविधाएं (VIP ट्रीटमेंट) मिलने के दावों को अयोध्या जिला कारागार प्रशासन ने सिरे से खारिज कर दिया है। जेल प्रशासन ने मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर चल रही ऐसी सभी खबरों को पूरी तरह से भ्रामक और तथ्यहीन करार दिया है।
अयोध्या जिला जेल के अधीक्षक मुकेश कुमार ने रविवार (19 जुलाई) को स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए आठों आरोपी फिलहाल जिला कारागार में बंद हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया में आ रही 'VIP ट्रीटमेंट' की बातें मनगढ़ंत हैं। जेल नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है और किसी भी बंदी को कोई अलग या विशेष सुविधा नहीं दी जा रही है।
हाई सिक्योरिटी बैरक में 24 घंटे सीसीटीवी की नजर
जेल अधीक्षक के मुताबिक, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी आठों आरोपियों को साधारण बैरक की जगह हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है। सभी आरोपियों की सुरक्षा और गतिविधियों पर 24 घंटे CCTV कैमरों के जरिए नजर रखी जा रही है। वे हर समय कैमरों की निगरानी में रहते हैं। अगर किसी को कोई शक हो, तो आवश्यकता पड़ने पर किसी भी समय CCTV फुटेज की जांच की जा सकती है।
SIT ने सौंपी रिपोर्ट, SC में आज सुनवाई
इस बीच, चढ़ावा चोरी मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर दी है। यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सीलबंद लिफाफे में सौंपी गई है। आज (20 जुलाई) को मामले पर सुनवाई होगी।
Advertisement
मामले की जांच जारी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच जारी है। शनिवार (18 जुलाई) देर रात आरोपी रामशंकर यादव टिन्नू और उसके भतीजे मनीष यादव के ठिकानों पर पुलिस ने छापा मारा। इस दौरान टिन्नू की कार और महंगी बाइक को बरामद किया गया। पूछताछ के दौरान कुछ जमीनों की जानकारी भी मिली है। रविवार (19 जुलाई) रात दोनों आरोपियों की रिमांड पूरी होने के बाद वापस जिला जेल में शिफ्ट कर दिया गया।