Parliament Session: आज से शुरू होगा संसद का मानसून सत्र, 25 दिन में 19 बैठकें- कई अहम बिल होंगे पेश; दलबदल के बाद NDA और मजबूत
आज (20 जुलाई) से संसद के मानसून सत्र की शुरुआत हो रही है, जो 13 अगस्त तक चलेगा। 25 दिनों के इस सत्र में 19 बैठकें होंगी और कई अहम बिल पेश किए जाएंगे। विपक्षी दलों के सांसदों के दलबदल से एनडीए खेमा मजबूत हुआ है। विपक्ष NEET-UG और परिसीमन जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
- भारत
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Parliament Monsoon Session: आज (20 जुलाई) से संसद के मानसून सत्र का आगाज हो रहा है, जो 13 अगस्त तक चलेगा। 25 दिनों के सत्र में 19 बैठके होंगी। अप्रैल में समाप्त हुए बजट सत्र के बाद से देश की राजनीतिक तस्वीर काफी बदल चुकी है। तृणमूल कांग्रेस (TMC), शिवसेना (UBT) के कई सांसदों के पाला बदलने के बाद NDA गठबंधन और मजबूत हो गया है।
इस बार का सत्र बेहद खास और हंगामेदार होने की उम्मीद है। एक तरफ जहां सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पास कराने की तैयारी में है। वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने भी सरकार को घेरने के लिए कमर कस ली है।
कौन-कौन से प्रमुख बिल पेश होंगे?
सरकार इस सत्र में 5 नए बिल पेश करेगी और 2 पुराने (लंबित) बिलों को पास कराने की प्राथमिकता रखेगी। इसमें इनकम टैक्स (संशोधन) बिल, MSME विकास (संशोधन) बिल, सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन बिल, फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन (FCRA) संशोधन बिल, जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) बिल और राष्ट्रीय सम्मान के अपमान को रोकने से जुड़ा एक संशोधन बिल भी लिस्ट में शामिल हैं।
कई मुद्दों पर होगा हंगामा
संसद के अंदर और बाहर विपक्ष ने सरकार को घेरने की पूरी रणनीति बना ली है। NEET-UG पेपर लीक, FCRA और परिसीमन (Delimitation) जैसे मुद्दों को लेकर मानसून सत्र के दौरान भारी हंगामा देखने को मिल सकता है। इसके अलावा राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर भी संसद में संग्राम मच सकता है।
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संसद सत्र की शुरुआत से पहले सरकार ने रविवार (19 जुलाई) को सर्वदलीय बैठक बुलाई। इसमें विपक्षी दलों ने श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी, एथेनॉल और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग की। इसके अलावा परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक को लेकर भी सरकार से सवाल किए गए।
संसद में कौन कितना मजबूत?
इस सत्र की सबसे बड़ी और दिलचस्प बात यह है कि पिछले कुछ हफ्तों में देश के भीतर बड़े पैमाने पर राजनीतिक फेरबदल और दलबदल हुए हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC), शिवसेना (UBT) और आम आदमी पार्टी (AAP) के कई बागी सांसदों ने अपना पाला बदल लिया है और वे सत्तारूढ़ एनडीए (NDA) गठबंधन के खेमे में आ गए हैं।
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इन सांसदों के समर्थन के बाद सत्ता पक्ष (सरकार) सदन के अंदर पहले से कहीं अधिक मजबूत और सुरक्षित स्थिति में दिखाई दे रहा है। लोकसभा अध्यक्ष ने भी इन बागी गुटों के लिए सदन में अलग से बैठने की व्यवस्था को मंजूरी दे दी है।