अब वैज्ञानिक सीधे किसानों के खेत में जाते हैं...लैब टू लैंड से किसानों को कैसे मिल रही मदद; रिपब्लिक के मंच से शिवराज सिंह चौहान ने बताया सबकुछ
Shivraj Singh Chouhan: रिपब्लिक भारत के 'मंथन समिट 2026' के मंच से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा 'किसान की सेवा ही मेरे लिए भगवान की पूजा है।' इस दौरान उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक सीधे किसानों के खेत में जाते हैं।
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Shivraj Singh Chouhan: रिपब्लिक भारत के मेगा 'मंथन समिट 2026' आयोजित किया गया। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रिपब्लिक के 'Manthan Summit 2026' का आयोजन को रिपब्लिक मीडिया के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का आरंभ किया।
मंथन समिट 2026 में कई बड़ी हस्तियों से लेकर मंत्रियों ने भी शिरकत की। इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी शिरकत की। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने मंच से कहा '2014 के बाद स्थिति बदली है और पूरे विश्व में भारत का नाम सम्मान से लिया जाता है। इस दौरान उन्होंने बताया कि आज वैज्ञानिक सीधे किसानों के खेत में जाते हैं। आज लैब टू लैंड से किसानों को मदद मिल रही है। इस दौरान उन्होंने कहा 'किसान की सेवा ही मेरे लिए भगवान की पूजा है।'
वैज्ञानिक सीधे किसानों के खेत में जाते हैं-शिवराज सिंह चौहान
रिपब्लिक भारत के मेगा मंथन समिट 2026 के मंच से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा ' हमे ने विकसित कृषि लैब अभियान चलाया और तय किया कि लैब का ज्ञान सीधे लैंड तक जाना चाहिए, लैब टू लैंड। वैज्ञानिक सीधे किसानों के खेत में जाए और हमने इसके लिए टीम बनाए, ताकि किसानों के साथ मिलकर बातें करें।' उन्होंने आगे कहा कि इस दौरान किसानों ने कहा कि फलों की सेल्फ लाइफ बढ़नी चाहिए और हमने उसपर पूरा काम किया। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि 2014 से अब तक MSP दोगुनी और खरीदारी चार गुना बढ़ी है।
खेती के लिए नया रोडमैप तैयार कर रहे हैं
मंथन समिट 2026 के मंच से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान आगे बताया कि 'हम राज्यों की खेती के लिए रोडमैप तैयार कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने बताया कि हमने एक ऐसी मशीन तैयार की है कि अब हाथ से धन लगाने जरूरत नहीं है, मशीन से सीधा काम होगा।
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आगे उन्होंने बताया कि सरकार लागत घटाने का काम कर रही है। मुनाफा तब होगा जब लागत कम होगी। इस बीच उन्होंने बताया कि जब किसान को फसल का नुकसान होता था, तो उसे मुआवजा मिलने में परेशानी होती थी, लेकिन हमने अब तय कर दिया है किसानों को 21 दिन के अंदर तय हो जाना चाहिए कि किसान को कितना पैसा मिलना चाहिए और 1 महीने के बाद किसान के खाते में पहुंच जाना चाहिए।
आज अन्न के भंडार भरे हुए हैं
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मंच से कहा कि आज भारत अन्न के भंडार भरा हुआ है। उन्होंने बताया कि 'जिन सरकारों ने विधानसभा में सेशन बुला-बुलाकर विरोध किया था, वे भी आज विकसित भारत जी राम योजना में शामिल हो गए हैं। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि 'आज 3 करोड़ लखपति दीदीयां हो गई हैं। जो घूंघट में रहती थीं, आज बिज़नेस का गुरुर सिखाती हैं।'