'2017 के पहले पर्व आते ही उपद्रव शुरू', CM योगी के बयान पर अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद का पलटवार, कहा- ये व्यापार करने वाले लोग राम की भूमि...
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, "ये दंगाई जो हैं, भाजपा के लोग ही थे। यही लोग दंगा करवाते थे ताकि हमारी सरकारें अच्छे ढंग से चल न सकें।"
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अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर तीखा पलटवार किया है, जिसमें मुख्यमंत्री ने कहा था कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में उत्सव नहीं, उपद्रव हुआ करते थे। सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, 'ये दंगाई जो हैं, भाजपा के लोग ही थे। यही लोग दंगा करवाते थे ताकि हमारी सरकारें अच्छे ढंग से चल न सकें।'
सीएम योगी ने बरेली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने प्रदेश में बदले कानून-व्यवस्था को लेकर कहा था कि अब लोग उपद्रव भूल गए हैं। हर गांव में, हर क्षेत्र में, हजारों की संख्या में मूर्तियों को रखकर लोग शारदीय नवरात्रि के अनुष्ठान से जुड़ गए हैं।लोग बेझिझक निडर होकर घर के बाहर निकल सकते हैं। सुरक्षा का एक माहौल है। हमारी सरकार ने दंगाईयों को मिट्टी में मिल दिया।'
भाजपा के लोग ही दंगाई थे-अवधेश प्रसाद
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर कहा, "ये दंगाई जो हैं, भाजपा के लोग ही थे। यही लोग दंगा करवाते थे ताकि हमारी सरकारें अच्छे ढंग से चल न सकें। उन्हें जनता के कल्याण से कोई लेना-देना नहीं है। ये तो व्यापारी हैं, ये तो पैसे का व्यापार करने वाले लोग हैं। जब उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम राम की जन्मभूमि अयोध्या को नहीं बख्शा। देश के करोड़ों भक्तों की भावनाओं पर उन्होंने डाका डाला है, अयोध्या को कलंकित किया है, बदनाम किया है, भगवान राम के चढ़ावे को नहीं छोड़ा है तो वे किसको बख्शेंगे? इन लोगों के लिए पैसा ही सबकुछ है।"
CM योगी ने क्या कहा था?
सीएम योगी सपा पर तंज कसते हुए कहा था, "यूपी बदल चुका है। 2017 के पहले कोई भी पर्व आता था, उत्सव लोग भूल जाते थे क्योंकि पहले ही उपद्रव शुरू हो जाता था...अब लोग उपद्रव भूल गए हैं। हर गांव में, हर क्षेत्र में, हजारों की संख्या में मूर्तियों को रखकर के लोग शारदीय नवरात्रि के अनुष्ठान से जुड़ गए हैं। पहले हम देखते थे कि मूर्ति स्थापना का कार्य पंचमी से सप्तमी के बीच में होता था। मैंने इस बार देखा है कि प्रतिपदा की तिथि में ही लोगों ने मूर्ति रखकर पूजा करना शुरू कर दिया और भीड़ शुरू हो गई है।"
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"मैं लगातार देवी मंदिरों की सूचना ले रहा हूं कि कहां पर कितनी भीड़ है...लोग बेझिझक निडर होकर घर के बाहर निकल सकते हैं। सुरक्षा का एक माहौल है और सुरक्षा के उस माहौल में ही निडर होकर के लोग दर्शन का आनंद ले पा रहे हैं। जगह-जगह शक्तिपीठों पर दर्शन कर पा रहे हैं...यह जो सुरक्षित उत्तर प्रदेश हुआ है, इसने यूपी के बारे में देश और दुनिया की धारणा बदल दी है।"