EXCLUSIVE/ सनातन को बचाने के लिए बच्चों को गीता सिखाइए और गांडीव चलाना भी, अपने बेटी को झांसी की रानी बनाइए-अनिरुद्धाचार्य जी महाराज

'वायरल बाबा' के नाम से मशहूर अनिरुद्धाचार्य महाराज जी ने रिपब्लिक भारत के मंच से बताया कि आखिर क्यों हमें अपनी बेटियों को झांसी की रानी बनाना चाहिए।

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सनातन को बचाने के लिए बच्चों को गीता सिखाइए और गांडीव चलाना भी, अपने बेटी को झांसी की रानी बनाइए | Image: Republic Video Grab

Aniruddhacharya On Sanatan: मथुरा के प्रसिद्ध कथावाचक बाबा अनिरुद्धाचार्य ने भी रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के समिट 'महाकुंभ महासम्मेलन' में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने एक सनातनी देश की मांग रखते हुए बताया कि आखिर क्यों सनातन का भी एक अलग देश होना चाहिए।  'वायरल बाबा' के नाम से मशहूर अनिरुद्धाचार्य महाराज जी ने रिपब्लिक भारत के मंच से बताया कि आखिर क्यों हमें अपनी बेटियों को झांसी की रानी बनाना चाहिए और क्यों हमें अपनी संतानों को सनातन को बचाने के लिए गीता और गांडीव दोनों की शिक्षा देनी चाहिए?


सनातन राष्ट्र क्यों होना चाहिए इसका भी मैं एक कारण आपको बताऊं कि बहुत सारे देश हैं जो मुस्लिम देश हैं क्रिश्चियन देश हैं। अगर बहुत सारे क्रिश्चियन और मुस्लिम देश हो सकते हैं तो फिर एक सनातनी देश क्यों नहीं हो सकता है। ये तो हुआ पहला और दूसरा कि थोड़ी देर के लिए सोच लीजिए कि अगर ये सनातन राष्ट्र नहीं बना और इस इस देश में मुसलमानों की संख्या अधिक हो गई और यदि ये हिन्दू राष्ट्र न होकर मुस्लिम राष्ट्र हो गया तो फिर मेरा सवाल खड़ा होगा कि क्या इस देश में हिन्दू, सिख, जैन और बौद्ध धर्म के लोग रह पाएंगे। इसलिए हमने कहा कि चार भाई हो चारों मिलकर खड़े हों।  


संतानों को गीता और गांडीव दोनों की शिक्षा देनी होगी

सनातन मतलब हिन्दू, बौद्ध, सिख और जैन चारो। इन चारों को मिलकर खड़ा होना पड़ेगा और अपनी बेटी को झांसी की रानी और बेटे को शिवाजी बनाकर खड़ा करना पड़ेगा। जैसे हमारे अर्जुन को भगवान ने गीता सुनाई थी पर गीता सुनाने के बाद भी युद्ध टला नहीं और गांडीव तो उठाना ही पड़ा था। तो आप भी अपने बच्चों को गीता तो सिखाइए ही साथ में गांडीव चलाना भी सिखाइए। यदि गीता और गांडीव का कांबिनेशन आपने अपनी संतानों को सिखा दिया तो फिर ये देश अमर हो जाएगा। अमर हो जाने का मलतब फिर भविष्य में कोई मुगल या कोई अंग्रेज इस देश पर आंख उठाने की चेष्ठा भी नहीं करेंगे।


हम मुसलमानों को भी भाई मान लेंगे बशर्तें

अनिरुद्धाचार्य महाराज जी ने आगे कहा कि अभी राजनीतिक गलियारों में ये बात उठी थी कि जातीय जनगणना होनी चाहिए। मैं कहता हूं जातीय जनगणना नहीं ये पता लगाओ कि कितने सनातनी हिंदू हैं और कितने मुसलमान हैं। उन्होंने ये भी कहा कि अगर वो गाय को माता कहने के लिए तैयार हैं तो हम गले लगाकर उन्हें भाई मान लेंगे। वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि हम चार भाई हैं। पहला भाई है सनातनी हिंदू, दूसरा है सिख, तीसरा जैन और चौथे हमारे भाई हैं बौद्ध। क्योंकि इन चारों की विचारधारा कहीं-कहीं पर मिलती जुलती है। हम गाय को माता कहते हैं और आप उसे मारकर खाते हैं, तो आप हमारे भाई कैसे हुए? इसलिए आप हमारे भाई बनने के योग्य नहीं हैं।

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Published By:
 Ravindra Singh
पब्लिश्ड