UP: 'गठबंधन पहले जैसा होगा, हमारा लक्ष्य...', विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव ने किया बड़ा ऐलान
Akhilesh Yadav: बुधवार को दिन राजनीतिक गलियारों में गहमागहमी भरा रहा। एक तरफ INDI ब्लॉक ने मीटिंग के दौरान चुनाव आयोग को घेरा तो दूसरी तरफ अखिलेश यादव ने आने वाले चुनाव को लेकर अपने सहयोगियों के लिए पत्ते खोल दिए हैं।
- भारत
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Akhilesh Yadav: बुधवार, 30 सितंबर का दिन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी में गहमागहमी रहा। दिल्ली में जहां INDI ब्लॉक ने मीटिंग के दौरान चुनाव आयोग को घेरा, तो दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख अखिलेश यादव ने संकेत दिया कि पार्टी अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश के चुनाव उन्हीं सहयोगियों के साथ मिलकर लड़ेगी, जिनके साथ उसने हाल के कुछ चुनाव लड़े थे। उन्होंने कहा कि गठबंधन की घोषणा जल्द ही करने का लक्ष्य है। इस बीच अखिलेश ने यह भी दावा किया कि बीजेपी के कई विधायक पार्टी के संपर्क में हैं।
पिछले सहयोगी के साथ चुनाव लड़ने की तैयारी
मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने दावा किया कि 'अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश के चुनाव उन्हीं सहयोगियों के साथ मिलकर लड़ेगी, जिनके साथ उसने हाल के कुछ चुनाव लड़े थे।' उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए गठबंधन को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच बातचीत चल रही है।
बीजेपी के कई विधायक पार्टी के संपर्क में
आगामी यूपी चुनावों के मद्देनजर बीजेपी विधायकों के उनके संपर्क में होने की खबरों पर उन्होंने कहा, "कई लोग वास्तव में संपर्क में हैं, लेकिन हम उन्हें कैसे शामिल करें? हम ऐसे वादे नहीं करना चाहते जिन्हें बाद में तोड़ना पड़े।" इस बीच उन्होंने बीजेपी पर भरोसा न करने की अपील की। "बीजेपी की किसी भी बात पर भरोसा न करें। बीजेपी का विकास मॉडल भ्रष्टाचार पर आधारित है।"
अखिलेश यादव ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर भी बीजेपी पर निशाना साधा और कहा कि चंदा चोरी से कोई बड़ी अर्थव्यवस्था नहीं बनाई जा सकती।
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मुफ़्त सिंचाई और समय पर पेमेंट का ऐलान
इस बीच अखिलेश यादव ने बुधवार को वादा किया कि अगर उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में सत्ता में वापस आती है, तो किसानों के लिए कई कदम उठाए जाएंगे, जिसमें मुफ़्त सिंचाई, 24 से 48 घंटे के अंदर पेमेंट और बड़े पैमाने पर डेयरी सुविधाएं शुरू करना शामिल है। उन्होंने कहा, "किसान जो मशीनरी खरीद रहे हैं वह महंगी है और खाने-पीने की चीजें भी महंगी हो गई हैं।"