Agra: आगरा में उपद्रियों की खैर नहीं, पुलिस ने मंगवाई 1000 लाठियां...; 'राणा सांगा' पर बयान से भड़का माहौल
महाराणा सांगा पर दिए एक विवादित बयान के बाद आगरा में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। करणी सेना के कार्यक्रम को देखते हुए भारी पुलिस बल तैयान किया गया है।
- भारत
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Rana Sanga Controversy Agra : राणा सांगा की जयंती पर आगरा में करणी सेना की जनसभा है। इसलिए पुलिस ने यहां किसी भी तरह की हिंसक गतिविधि से बचने की पूरी तैयारी कर ली है। दरअसल, महाराणा संग्राम सिंह (राणा सांगा) पर दिए बयान को लेकर विवाद अभी नहीं थमा है। भरे संसद में विवादित बयान देने वाले समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सदस्य रामजी लाल सुमन पर लेकर राजपूतों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और राणा सांगा के अपमान को लेकर करणी सेना ने आज (12 अप्रैल) आगरा में क्षत्रियों की ताकत दिखाने की पूरी पक्की तैयारी कर ली है।
वहीं, पुलिस ने भी 1000 नए डंडे और हेलमेट मंगवा लिए, साथ ही उच्च अधिकारियों के निर्देश पर इन डंडों और हेलमेटों की गुणवत्ता की जांच की गई, टेस्टिंग के बाद इन्हें आगरा के अलग-अलग थानों में तैनात पुलिसकर्मियों के बीच बांट दिया गया। इसके अलावा पुलिस ने दंगा नियंत्रण की मॉक ड्रिल भी की, जिसमें अधिकारियों और जवानों को विपरीत परिस्थितियों से निपटने की ट्रेनिंग दी गई है। ताकि पथराव जैसी स्थिति में जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
आगरा में बढ़ा तनाव, पुलिस अलर्ट पर
महाराणा सांगा पर दिए एक विवादित बयान के बाद आगरा में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। करणी सेना के कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस ने पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर लिए हैं।
लोहे की जालियों वाली गाड़ियां, जगह-जगह बैरिकेडिंग
पुलिस वाहनों को लोहे की जालियों से ढंका जा रहा है, ताकि पथराव जैसी स्थिति में जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। संवेदनशील इलाकों में सख्त निगरानी और भारी बैरिकेडिंग की जा रही है।
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RAF-PAC की तैनाती, हर कदम पर फोर्स
एक कंपनी रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और आठ कंपनियां पीएसी (PAC) के साथ-साथ सैकड़ों पुलिसकर्मी अलर्ट पर हैं। फोर्स की तैनाती रामजीलाल सुमन के घर तक की गई है, जहां शांति व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
1300 लोगों को नोटिस, सोशल मीडिया पर सख्ती
एडिशनल पुलिस कमिश्नर संजीव त्यागी के अनुसार, समाज में हिंसा फैलाने की मंशा रखने वालों की पहचान कर 1300 से ज्यादा नोटिस जारी किए गए हैं। भड़काऊ पोस्ट्स पर नजर रखने के लिए एक खास डिजिटल टीम काम कर रही है।
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राणा सांगा कौन थे?
राणा सांगा मेवाड़ के महान योद्धा और राजा महाराणा प्रताप के दादा थे। 1508 में 27 साल की उम्र में मेवाड़ के शासक बने और 100 से ज्यादा युद्ध में जीत का परचम लहराया। खानवा के अलावा किसी भी युद्ध में उनकी हार नहीं हुई। 100 से ज्यादा युद्ध लड़ने की वजह से उनसे शरीर पर 80 से घाव थे। एक आंख और एक हाथ नहीं होने के बावजूद वो बेहद बहादुर थे और दुश्मन उनके युद्ध कौशल से डरते थे। राणा सांगा का एक पैर भी काम नहीं करता था।
बाबर और राणा में जंग
1527 में राणा सांगा का पहली बार बाबर से सामना हुआ। बयाना में हुए इस युद्ध में राणा ने बाबर को बुरी हाराया था। बाबरनामा में इस युद्ध का जिक्र मिलता है। हार के बाद बाबर आगरा लौट गया था। कुछ दिन बाद 7 मार्च, 1527 को खानवा में फिर बाबर और राणा में जंग हुई। इस युद्ध में बाबर तोप और बंदूकों से लड़ा और युद्ध नियमों का भी जमकर उल्लंघन हुआ। राजपूत सेना तलवारों से लड़ रही थी और युद्ध नियमों का मरते दम तक पालन करती रही। युद्ध के बीच हाथी पर बैठे राणा सांगा तीर लगने से बेहोश हो गए, सेना को लगा की राणा की मौत हो गई। ये देख सैनिक युद्ध से वापस जाने लगे। इसके बाद जीता हुआ युद्ध राणा सांगा हार गए थे। जहर दिए जाने से राणा सांगा की 1528 में मौत हो गई।
राणा सांगा की बहादुरी इतिहास में जीवित
राणा सांगा की बहादुरी आज भी राजस्थान की लोककथाओं, गीतों और इतिहास में जीवित है। वे मेवाड़ के गौरव और स्वतंत्रता की भावना के प्रतीक हैं। उनकी वीरता ने न सिर्फ समकालीन शासकों को प्रभावित किया, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक मिसाल कायम की। चित्तौड़गढ़ का किला, जिसकी रक्षा उन्होंने की आज भी उनकी साहसिक कहानियों का साक्षी है।