Hanuman Jayanti: हनुमान जयंती पर भद्रा नक्षत्र का साया, तो क्या होगा पूजा का शुभ मुहूर्त?
हनुमान जयंती के पावन मौके पर भद्रा का साया मंडरा रहा है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि किस शुभ मुहूर्त में आप पूजा कर सकते हैं।
- धर्म और अध्यात्म
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Hanuman Jayanti 2025: बता दें कि हिंदू धर्म में हनुमान जयंती का पर्व बेहद ही पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। हर साल यह पर्व चैत्र महीने की पूर्णिमा तिथि को आता है। जी हां, इसी दिन हनुमान जी का जन्म हुआ था इसलिए हनुमान जन्मोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। इस साल हनुमान जयंती 12 अप्रैल दिन शनिवार को मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन हनुमान जी का जन्म धरती पर हुआ था। इन्हें चिरंजीवी कहते हैं यानी कि त्रेता युग से अभी तक इन्हें जीवित माना गया है। वहीं मान्यता है कि ये तब से श्री राम का नाम जप रहे हैं। हनुमान जी को कल्युग के देवता भी कहा जाता है। ऐसे में कल्युग में सभी कष्टों को हारने के लिए हनुमान जी की पूजा की जाती है। लेकिन इस बार हनुमान जयंती पर भद्रा का साया रहने वाला है।
भद्रा का साया शुभ नहीं माना जाता। ऐसे में बता दें लोगों को जानना है कि वह हनुमान जयंती की पूजा किस वक्त कर सकते हैं। यदि आप भी उन लोगों में से एक है तो आज का हमारा लेख आपके लिए हैं। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि भद्रा का साया कब से कब तक लग रहा है और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है। पढ़ते हैं आगे...
भद्रा के साए का समय
बता दें, इस बार भद्रा का साया 12 अप्रैल सुबह 6:22 से शाम 4:35 तक रहेगा। ऐसे में आप शाम 4:35 के बाद ही हनुमान जी की पूजा कर सकते हैं। भद्रा के साये में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। ऐसे में यदि व्यक्ति कोई अच्छा काम भी करता है तो वो भी अशुभ हो जाता है।
हनुमान जी की पूजा
वहीं आप हनुमान जयंती की पूजा ब्रह्म मुहूर्त और शाम को 4:50 से लेकर 5:36 तक कर सकते हैं। ब्रह्म मुहूर्त में की गई पूजा का अनंत फल प्राप्त होता है। वही आप शुभ मुहूर्त में पूजा करते हैं तो हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त हो सकती है।
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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।