PM Mudra Yojana: लोन के रूप में बांटे 32 लाख करोड़, सरकार गदगद लेकिन अखिलेश ने ठोके 10 सवाल, पूछा- पैसे किनके खातों में...
अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला किया। अखिलेश यादव ने मुद्रा योजना के 10 साल पूरे होने पर केंद्र सरकार से 10 महत्वपूर्ण सवाल किए।
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उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले चुनावों को लेकर सियासी पार्टियों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला किया। अखिलेश यादव ने मुद्रा योजना के 10 साल पूरे होने पर केंद्र सरकार से 10 महत्वपूर्ण सवाल किए। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता अपनी योजनाओं का ढोल पीटते नहीं थकते, लेकिन मुद्रा योजना ने कोई खास प्रभाव नहीं डाला। अखिलेश यादव ने इसे एक "झूठी योजना" करार दिया और कहा कि आंकड़ों की बाजीगरी में भाजपा से कोई भी नहीं जीत सकता।
मुद्रा योजना पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने सवाल किया, "क्या सच में 52 करोड़ लोगों को ऋण मिला? लोन के रूप में बांटे गए 33 लाख करोड़ रुपये किसके खाते में गए? क्या कभी इस योजना की जांच की गई? क्या सरकार को कभी इनसे इनकम टैक्स प्राप्त हुआ?" उन्होंने यह भी पूछा कि इस पर जवाब क्या सरकार के जुमलों से मिलेगा या फिर बैंक से मिलेगा।
बेरोजगारी को लेकर अखिलेश ने उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने खासकर मुद्रा योजना के बारे में सवाल उठाया, यह पूछते हुए कि क्या सच में 52 करोड़ लोगों को इस योजना का लाभ मिला है? उन्होंने यह भी कहा कि अगर यह सच है, तो उन 52 करोड़ लाभार्थियों द्वारा दो-दो लोगों को रोजगार देने के बावजूद देश में बेरोजगारी की दर शून्य क्यों नहीं हो पाई? सपा प्रमुख ने इस पर जोर देते हुए कहा कि मुद्रा योजना और बेरोजगारी के आंकड़ों में बड़ी विसंगति है, क्योंकि दोनों ही सरकारी आंकड़े हैं। इसके अलावा, उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि 33 लाख करोड़ रुपये के मुद्रा लोन का फायदा आखिरकार किसके खाते में गया?
अखिलेश के मुद्रा योजना को लेकर सरकार से 10 सवाल
- क्या सच में 52 करोड़ लोगों को मुद्रा योजना का पैसा मिला?
- यदि ये सत्य है तो मुद्रा ऋण लेनेवालों ने अगर 2 लोगों को भी रोज़गार दिया तो पूरे देश में बेरोज़गारी लगभग शून्य होनी चाहिए थी। क्या इस तथ्य में कोई विसंगति है?
- जब दोनों ही आँकड़े सरकारी हैं तो मुद्रा योजना या बेरोज़गारी के आँकड़े में से किसको सही माना जाए?
- मुद्रा योजना में लोन के रूप में बँटा 33 लाख करोड़ रुपया किसके खातों में गया?
- क्या इन खातों की कभी जाँच परख या लेखापरीक्षण या कहें ऑडिट हुआ?
- क्या इनके द्वारा समर्थित या शुरू हुए उपक्रमों ने कभी लाभ कमाया और दिखाया?
- क्या सरकार को इनसे कभी इनकम टैक्स प्राप्त हुआ और हुआ तो कितना?
- क्या इनमें से किसी ने जीएसटी का रजिस्ट्रेशन करवाया?
- इनसे कुल कितना जीएसटी प्राप्त हुआ?
- बैंकों को मुद्रा योजना के वितरण पर हुए कुल ख़र्च और इससे मिले कुल ब्याज के बीच क्या कुछ लाभ हुआ या ये योजना कुछ अपने लोगों को बैंकों के ख़ज़ाने से पैसा पहुँचाने का माध्यम मात्र बनकर रह गयी?
हिडन फौज करती है लोगों को अपमानः अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना की और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि किसी सांसद के साथ कोई अप्रिय घटना घटित होती है, तो मुख्यमंत्री को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा। साथ ही, उन्होंने यूपी में बढ़ते अपराधों पर चिंता जताई और कहा कि जैसे हिटलर के समय में टूपर्स होते थे, वैसे ही भाजपा सरकार ने एक "हिडन अंडरग्राउंड फौज" तैयार की है, जो समय-समय पर लोगों को अपमानित करती है।