‘छोटा फैंटा... नाम बदलनेवालों के खुद बंगाल जाकर नाम बदल गए', CM योगी पर अखिलेश यादव का तंज

अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर तंज कसते हुए कहा कि पता नहीं किसका नाम है 'छोटा फैंटा।' मेरी जानकारी में नहीं है कि ये निजी चीजें कैसे बाहर आ गईं।

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Akhilesh Yadav on CM Yogi: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर कुछ ऐसा कहा, जिसके बाद सियासी माहौल गरमा गया है।

दरअसल, अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर तंज कसते हुए उन्हें 'छोटा फैंटा' कह दिया। उन्होंने कहा कि जो दूसरों के नाम बदलते थे, उनका भी बंगाल पहुंचते ही नाम बदल गया।

बिना नाम लिए CM योगी पर कसा तंज

29 अप्रैल को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने कहा, 'नाम बदलेवालों के बंगाल में जाकर नाम बदल गए। जो दूसरों का नाम बदलते थे, बंगाल जाकर उनका भी नाम बदल गया। पता नहीं किसका नाम है 'छोटा फैंटा।' मेरी जानकारी में नहीं है कि ये निजी चीजें कैसे बाहर आ गईं।'

सीबीआई जांच हो- अखिलेश यादव

उन्होंने आगे चुटकी लेते हुए कहा कि उनकी जानकारी में नहीं है कि ये निजी बातें कैसे बाहर आ गईं। उन्होंने इसकी सीबीआई जांच कराने की मांग की साथ ही ईडी, इनकम टैक्स विभाग, सेंट्रल फोर्स और आर्मी इंटेलिजेंस को भी इस मामले में लगाने की बात कही। अखिलेश यादव ने यह बयान पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के संदर्भ में दिया। उनका यह बयान जारी होते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

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गाजीपुर की घटना पर सरकार को घेरा

इसके अलावा उन्होंने महिलाओं के साथ बढ़ते बलात्कार पर कहा, 'यह दुखद है। कई घटनाएं सरकार छिपा रही है। कई घटनाओं के बारे में हमें बाद में जानकारी मिलती है। अभी हाल ही में पार्टी के नेता और नई राष्ट्रीय अध्यक्ष और उनके साथ डेलिगेशन गया था। पहले जो डेलिगेशन जाना था, उन्हें जाने नहीं दिया गया। बाद में सरकार सहमत हुई। सरकार हर चीज को देख रही है। जब डेलिगेशन गया तो उन्हें बहुत सारी सच्चाई जानने को मिली। वहां की पुलिस, दबंग और दबदबा रखने वाले लोग नहीं चाहते थे की सच्चाई बाहर निकले।

उन्होंने गाजीपुर में नाबालिग लड़की का शव मिलने के मामले को लेकर कहा कि जिस बेटी के साथ घटना हुई और जान गई, उसके पिता चाहते थे कि पूरी मेडिकल जांच हो। लेकिन सोचिए कि वह कितना बेबस और गरीब पिता है, उन्हें शायद इन बातों की जानकारी नहीं थी कि जो सैंपल रखने चाहिए थे और जो मेडिकल प्रक्रिया अपनानी चाहिए थी वह नहीं अपनाई गई। पोस्टमार्टम के बाद उस बेटी का अंतिम संस्कार कर दिया गया। यही हमने हाथरस में भी देखा था। 

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क्या है मामला?

बता दें कि 15 अप्रैल को नदी में एक नाबालिग लड़की का शव मिला था। आरोप लगा कि पहले उसके साथ दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई। वहीं, पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुई। मौत डूबने की वजह से हुई है।

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Published By:
 Priyanka Yadav
पब्लिश्ड